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हरियाणा में कोरोना के 27 नए मामले, जमातियों के कारण बढ़ी संख्या, 71 तक पहुंचा आंकड़ा

Sat, 04 Apr 2020 04:34 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा में कोरोना वायरस
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हरियाणा में कोरोना पॉजिटिव केस तेजी से बढ़ने लगे हैं। शनिवार को 27 नए मामले सामने आए हैं। कुल पीड़ितों का आंकड़ा 71 पहुंच चुका है। मरकज से संबंध रखने वालों की संख्या 28 पहुंच गई है। इनमें एक नेपाल का रहने वाला है। जबकि पांच तमिलनाडु, तीन केरल, तीन पश्चिम बंगाल और तेलंगाना, बिहार और यूपी के दो-दो लोग हैं। वहीं पंजाब, कर्नाटक, दिल्ली, महाराष्ट्र के एक-एक लोग शामिल हैं।

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इनमें से आधा दर्जन जमाती हरियाणा से संबंध रखते हैं। सबसे ज्यादा पलवल जिले में 13 नए मामले सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। फरीदाबाद में आठ और कैथल में भी एक जमाती पॉजिटिव पाया गया है। सभी मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। उनके संपर्क में आने वाले लोगों को भी आइसोलेट कर दिया गया है। 

वहीं कोरोना से अंबाला में मौत के बाद शुक्रवार को रोहतक की एक महिला की दिल्ली में कोरोना की वजह से मौत हो गई थी, जिसकी किडनी खराब थी, उसे दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दाखिल कराया गया था। जहां जांच के बाद कोरोना पॉजिटिव पाया गया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।
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पलवल में संक्रमितों की संख्या सबसे ज्यादा
मरीजों के आंकड़े में पलवल पहले नंबर पर पहुंच गया है। पलवल में अब 17 केस हो गए हैं, जिनमें से एक ठीक हो चुका है। इसी तरह से 15 मरीजों के ठीक होने के बाद अब अंबाला में 3, भिवानी 2, फरीदाबाद 13 इस जिले में आठ मामले बढ़े हैं। गुरूग्राम 8, हिसार 1, करनाल 1, कैथल 1, नूंह 3, पलवल 16, पानीपत 1, पंचकूला में 2, रोहतक 1, सिरसा में 3 मरीज है।

मरकज से आए जिलावार संक्रमित 

हरियाणा में अब निजामुद्दीन मरकज से लौटे 28 लोग संक्रमित मिले हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या पलवल जिले की है। यहां कुल 16 संक्रमित हैं। जबकि फरीदाबाद में 5, गुरुग्राम में 1, नूहं में 3 और अंबाला में 2 व कैथल में 1 संक्रमित है। सभी धर्म प्रचार का काम कर रहे थे। जिन्हें अलग-अलग मस्जिदों व गांवों से पकड़ा गया है।

जमातियों की संख्या 1372 पहुंची
हरियाणा में तब्लीगी जमात के लोगों की संख्या 1372 पहुंच गई है। जिसके बाद सरकार ने अपने प्रयास तेज कर दिए है। युद्ध स्तर पर इन जमातियों की पहचान कर टेस्ट करवाए जा रहे हैं। मामले पॉजिटिव निकलने पर इलाज करवाया जा रहा है। इस कड़ी में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा है कि राज्य में एक माह के अंतराल में आए सभी जमातियों के टेस्ट किए जाएंगे।

इस तरह के लोगों की संख्या भी पांच सौ से ज्यादा मानकर चला जा रहा है। अनिल विज ने स्वास्थ्य महकमे के अफसरों की बैठक भी की। जिसमें इंतजामों की समीक्षा की। सामान की कमी की शिकायतों की समीक्षा भी हुई। विज ने बताया कि राज्य में लौटने वाले दिल्ली के तब्लीगी जमात के लोगों की संख्या 1372 तक पहुंच गई है। 

बैठक में फैसला लिया गया कि जिन्हें एक माह से कम समय हुआ है, उनका कोरोना टेस्ट कराया जाएगा। विज ने बताया कि कई स्थानों पर वेंटिलेटर लगाने का काम भी शुरू हो गया है। विज ने कहा कि हमने प्रदेश में खराब से खराब स्थिति के लिए भी तैयारी कर ली है। समीक्षा में इस बात पर भी विचार किया गया है।

36 लोगों पर केस
सोशल मीडिया पर फर्जी मैसेज वायरल करना 36 लोगों को भारी पड़ गया है। हरियाणा पुलिस ने सभी के खिलाफ केस दर्जकर लिया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके अलावा लॉकडाउन उल्लंघन करने पर 1141 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और 1655 लोग गिरफ्तार हुए हैं। 

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि कोविड-19 के बारे में सोशल मीडिया पर फर्जी, भ्रामक और असत्य जानकारी प्रसारित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। ऐसे सभी अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ आईपीसी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने आमजन को सलाह देते हुए कहा कि वे न तो अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर असत्यापित जानकारी पोस्ट करें और न ही दूसरों को व्हाट्सएप, फेसबुक मैसेंजर आदि मैसेजिंग एप्स पर फॉरवर्ड करें।
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उन्होंने कहा कि अब तक सरकारी आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में 1141 एफआईआर दर्जकर 1655 व्यक्तियों को काबू किया जा चुका है। वहीं 5750 वाहनों को जब्त कर मोटर वाहन अधिनियम के तहत 7 करोड़ 11 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। 

मुफ्त में पीडब्ल्यूडी के रेस्ट हाउस में रह सकते हैं डॉक्टर, कर्मचारी
कोरोना वायरस के चलते प्रदेश सरकार ने आपातसेवा में लगे कर्मचारियों के लिए अहम फैसला लिया है। इसके तहत सभी जिलों में लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस में डॉक्टर और सरकारी कर्मचारी मुफ्त में उपयोग कर सकेंगे। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने आदेश जारी करते हुए बताया कि यह फैसला अस्पतालों और आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मियों की सुविधाओं को देखते हुए प्रदेश सरकार ने लिया है। 

उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में प्रदेश के नागिरकों की सेवा में लगे कर्मचारी घर ना जाकर अब रेस्ट हाउस में मुफ्त रह सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे संक्रमण फैलने का भय भी कम होगा और कर्मचारियों को रहने के लिए उचित सुविधा भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों के लिए रेस्ट हाउस में मुफ्त भोजन और उचित सफाई की व्यवस्था होगी।
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