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पंजाब: सभी मॉल, किसान मंडी-म्यूजियम 31 मार्च तक बंद, सबसे ऊंची मीनार पर नहीं जा पाएंगे

Tue, 17 Mar 2020 09:35 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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रॉक गार्डन। - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए भारत सरकार से प्राप्त एडवाइजरी के मद्देनजर पंजाब के मंत्री समूह ने मंगलवार को सूबे में लोगों के ज्यादा संख्या में किसी जगह पर एकत्रित होने से रोकने के उद्देश्य से कई फैसले लिए।

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स्थानीय निकाय मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा की अध्यक्षता में हुई मंत्री समूह की बैठक ने सभी धार्मिक संस्थानों और डेरा प्रमुखों को एडवाइजरी जारी करके अपनी धार्मिक सभाओं को स्थगित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सूबे में सभी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल, म्यूजियम और स्थानीय साप्ताहिक किसान मंडियों को 31 मार्च तक बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

मंत्री समूह ने मैरिज पैलेसों में आयोजित होने वाले विवाह समारोहों में भी लोगों की संख्या को सीमित करने का निर्णय लिया है और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं कि मैरिज पैलेसों में किसी भी समारोह में 50 से अधिक व्यक्तियों को एकत्रित न होने दिया जाए।
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साथ ही, उपायुक्त यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सभी रेस्तरां, होटल, ढाबे और फूड कोर्ट्स अपने यहां हैंड वॉशिंग प्रोटोकॉल लागू करें और व्यक्तियों व टेबल के बीच एक मीटर की दूरी सुनिश्चित करने के अलावा बार-बार छुए जाने वाली सतहों की उचित सफाई करें। 
 

राज्य में सभी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल और सिनेमाघर 31 मार्च तक बंद रहेंगे, जबकि मॉल्स में केमिस्ट और किराने की दुकानें खुली रहेंगी। इसी तरह राज्य में सभी स्थानीय साप्ताहिक किसान मंडियों को एक स्थान पर बड़ी संख्या में लोगों को एकत्रित होने से रोका गया है। मंत्री समूह ने रेहड़ी वालों को जनता की सुविधा के लिए गलियों में सब्जियां बेचने की अनुमति दी है।
 
परीक्षा केंद्र में दो बच्चों के बीच रहे एक मीटर की दूरी
मंत्री समूह ने परीक्षाओं को स्थगित करने के लिए भी स्कूल शिक्षा विभाग और अन्य निजी शिक्षण संस्थानों की प्रशासनिक इकाइयों को निर्देश दिए हैं। निर्देश में कहा है कि अगर परीक्षाओं के आयोजन की सख्त आवश्यकता है, तो वह विशेष संस्थान और स्कूल जिला प्रशासन को सूचित करें और सुनिश्चित करें कि दो छात्रों के बीच एक मीटर की दूरी बनी रहे।

पानी के टैंकर और साबुन मुहैया कराएगा सरबत दा भला ट्रस्ट
कोरोना वायरस से आम लोगों को बचाने के लिए दुबई के बड़े कारोबारी और समाज सेवक डा. एसपी सिंह ओबराय की सरपरस्ती में चल रहे सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट की तरफ से सूबे के जिला हेडक्वार्टरों के सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के हाथ धोने के लिए पानी के टैंकर और साबुन का प्रबंध करने का फैसला किया है।

डा ओबराय ने बताया कि हर जिले में रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, बड़े अस्पतालों, जिला कचहरियों पर नल लगे पानी के बड़े टैंकरों और साबुन की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की तरफ से बुधवार को पटियाला के गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा , राजिंदरा अस्पताल और मिनी सचिवालय के बाहर और  तरनतारन जिले में यह सामग्री मुहैया कराई जाएगी।

कोरोना के कारण देश की सबसे ऊंची मीनार लोगों के लिए बंद 

कोरोना के खौफ के चलते देश की सबसे ऊंची मीनार को लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। मोहाली के एतिहासिक चप्पड़चिड़ी में बनी मीनार-ए-खालसा अगले आदेश तक आम लोगों के लिए बंद रहेगी। वहीं सरकार ने मंदिर-गुरुद्वारों सहित सभी धार्मिक स्थालों पर भी 50 से ज्यादा लोगों के जमा होने पर पाबंदी लगा दी है। 

कोरोना के खौफ के चलते एतियात के तौर पर देश की सबसे ऊंची मीनार-ए-खालसा को आम लोगों के लिए अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। पंजाब सरकार ने एतियात के तौर पर मंगलवार को यह फैसला लिया। मीनार-ए-खालसा मोहाली जिले के एतिहासिक चप्पड़चिड़ी में है। यह मीनार बाबा बंदा सिंह बहादुर की सरहिंद के मुगल सूबेदार पर एतिहासिक जीत की प्रतीक है। 

मीनार-ए-खालसा के मैनेजर तेजिंदर सिंह ने बताया कि मीनार को देखने के लिए हर साल सवा लाख से ज्यादा लोग देश-विदेश से यहां पहुंचते हैं। अमेरिका व कनाडा से यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। देश-विदेश से बड़ी संख्या में विद्वान भी यहां रिसर्च वर्क के लिए पहुंचते हैं। वहीं, पंजाब सरकार ने मंगलवार को धार्मिक स्थलों पर भी भीड़ न करने के हिदायत की है। मंदिर गुरुद्वारों सहित सभी धार्मिक स्थलों को सरकार ने निर्देश देते हुए 50 से ज्यादा लोगों के जमा होने पर पाबंदी लगा दी है।

पंद्रह दिनों में रद्द करवाई सवा तीन लाख यात्रियों ने टिकटें

कोरोना वायरस के भय के चलते एक से 16 मार्च (16 दिन) के भीतर रेल डिवीजन फिरोजपुर से चलने वाली ट्रेनों के तीन लाख 23 हजार 225 यात्रियों ने अपने टिकट रद्द करवा दिए हैं। इससे डिवीजन के कॉमर्शियल विभाग को 20 करोड़ 79 लाख 71 हजार 634 रुपये का भुगतान करना पड़ा है। 13 मार्च से 16 मार्च के बीच सबसे अधिक यात्रियों ने टिकट रद्द करवाए हैं।

रेल विभाग के आंकड़ों के मुताबिक एक मार्च को 8347 यात्रियों ने टिकट रद्द करवाए। उन्हें 58 लाख 18 हजार 874 रुपये का भुगतान किया गया। इसी तरह दो मार्च को  11869 यात्रियों, तीन मार्च को 11416 यात्रियों, चार मार्च को 14 हजार 993 यात्रियों ने टिकट कैंसिल करवाकर एक करोड़ नौ लाख 51 हजार 805 रुपये का भुगतान लिया।

इसी तरह पांच मार्च को 17658 यात्रियों, छह मार्च को 19964, सात मार्च को 20025 यात्रियों, आठ मार्च को 17477 यात्रियों, नौ मार्च को 19051 यात्रियों, 10 मार्च को 11682 यात्रियों ने टिकट कैंसिल करवाए। इसके बाद 11 मार्च को 20204 यात्रियों, 12 मार्च को 22441 यात्रियों ने अपने टिकट रद्द करवा दिए।

लेकिन 13 मार्च को रेलवे पर कोरोना की मार कुछ ज्यादा ही रही। 13 मार्च को 28863 यात्रियों ने अपना टिकट कैंसिल करवाकर एक करोड़ 81 लाख 96 हजार 696 रुपये का भुगतान लिया।  14 मार्च को टिकट रद्द करवाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़कर 33089 हो गई।

उस दिन रेलवे को दो करोड़ पांच लाख 82 हजार 143 रुपये का भुगतान करना पड़ा। 15 मार्च को 24923 यात्रियों ने टिकट रद्द करवाए। जबकि सबसे अधिक 16 मार्च को 41 हजार 223 यात्रियों ने टिकट रद्द करवाकर रेलवे से दो करोड़ 52 लाख 81 हजार 293 रुपये का भुगतान लिया।

तीन दिन में विदेश से लौटे 28 लोग अंडर सर्विलांस

कोरोना वायरस से निपटने के लिए जिला प्रशासन सतर्क है। पठानकोट सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में विदेशों से आए अब तक 40 लोगों की जांच हुई है। सोमवार और मंगलवार को विदेशों से आए पठानकोट के और 25 लोगों की लिस्ट सेहत विभाग के पास पहुंची है।

सेहत विभाग का कहना है कि उनकी टीमों की ओर से विदेश से आए लोगों के घर में जाकर उन्हें अंडर सर्विलांस रखा जाएगा। वहीं, मंगलवार को हिमाचल सरकार की ओर से जारी आदेशों के बाद पंजाब-हिमाचल सीमा स्थित काठगढ़ महादेव मंदिर और श्री राम गोपाल मंदिर डमटाल को भी श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया। उक्त मंदिरों में रोजाना हजारों लोग विभिन्न राज्यों से पहुंचते हैं। मंगलवार को श्रद्धालुआें को लौटना पड़ा। सिविल अस्पताल पठानकोट में थर्मल स्कैनिंग मशीनों से मरीजों की जांच की जा रही है।

सेहत विभाग के मुताबिक अब तक पठानकोट के 65 लोग चीन, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, ईटली, सिडनी, शिकागो से लौटे हैं। इनमें से 25 लोग बिल्कुल स्वस्थ हैं जबकि 28 लोगों को 28 दिनों के लिए अंडर सर्विलांस रखा गया है। सेहत विभाग की टीम शेष बचे 2 लोगों का एड्रेस कंफर्म करने में जुटी है। वहीं रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर पोस्टर चिपका लोगों को कोरोना वायरस से बचने के लिए अवेयरनेस की जा रही है।

रोडवेज की बसों में की जा रही सोडियम हैपोक्लोराइड से स्ट्रलाइजेशन
जीएम रोडवेज दर्शन सिंह गिल ने बताया कि पठानकोट डिपो में 90 बसें हैं। यह रोजाना 62 रूटों पर रवाना होती हैं। सेहत विभाग से मिले निर्देशों के तहत बसों में सोडियम हैपोक्लोराइड का छिड़काव किया जा रहा है ताकि वायरस न फैले। इस संबंधी बस चालक और कंडक्टर को सख्त हिदायतें दी गई हैं।
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गांव में प्रवेश से पहले सैनेटाइजर से साफ करने होंगे हाथ

दसूहा (होशियारपुर)। जिले के गांव ऊंची बस्सी के युवा सरपंच ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए गांव में प्रवेश करने वाले और बाहर जाने पर प्रत्येक व्यक्ति के सैनेटाइजर से हाथ साफ करने को सुनिश्चित किया है। गांव में दुकानदारों और लोगों को सैनेटाइजर व मास्क का इस्तेमाल करने की अपील की गई है। साथ ही मुफ्त में मास्क दिए गए।

सरपंच संदीप उत्तम ने कहा कि पंचायत सदस्यों के साथ-साथ गांव के युवा भी इस कार्य में पूर्ण सहयोग दे रहे हैं। मौके पर सरपंच संदीप उत्तम, तरसेम लाल जतिंदर मेनरा हैप्पी, सूबेदार कुलदीप सिंह, मेम्बर सुखदेव सिंह, नंबरदार रामपाल, कमलजीत सिंह, प्रदीप कुमार, प्रदीप सिंह, मनवीर सिंह, अमफरजीत सिंह मौजूद थे।

उद्योगपतियों को वर्करों की सेहत संबंधी हिदायतें जारी
कोरोना के खतरे से निपटने के पंजाब सरकार के प्रयासों के तहत मंगलवार को उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने सूबे के उद्योग जगत से अपने सभी कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य उपाय यकीनी बनाने के लिए कहा, ताकि इस वायरस के फैलाव को रोका जा सके। अरोड़ा ने कहा कि सभी औद्योगिक इकाइयों में कर्मचारियों के लिए साफ-सफाई संबंधी सावधानियां लाजिमी तौर पर उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने उद्योगों से नजदीकी डिस्पेंसरियों में कर्मचारियों की जांच कराने को भी कहा।

मंगलवार को कोरोना वायरस के खतरे से पैदा हुई स्थिति का जायजा लेने के लिए विभाग के सीनियर अधिकारियों और हिस्सेदार बोर्डों व कारपोरेशन की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए अरोड़ा ने वायरस के फैलाव को रोकने के लिए राज्य की सभी औद्योगिक इकाइयों को अपनी फैक्ट्रियों के बाहर सफाई संबंधी सावधानियां दिखाने वाले साइन बोर्ड लगाने को कहा। उन्होंने सभी कर्मचारियों के लिए हैंड सैनिटाइजर की उपलब्धता भी यकीनी बनाने को कहा।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि फैक्ट्रियों में दाखिल होने वाले कामगारों के लिए मुफ्त साबुन और पानी उपलब्ध करवाया जाए और स्टाफ व वर्करों द्वारा इस्तेमाल की होने वाली आम सुविधाओं को नियमित तौर पर साफ-सुथरा रखा जाए। इन सहूलियतों में कर्मचारियों की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली बसें और आम ट्रांसपोर्ट वाहन शामिल हैं।
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