भूपिंदर कौर बेदी ने बताया कि कोरोना जंग काफी हटकर है। इसमें हमारा दुश्मन बिल्कुल अदृश्य है। ऐसे में इस जंग को जीतने के लिए वह जिस मशीन प्रयोग कर रही हैं, वह भी बड़ी खास है। मास्क को सिलने के लिए इस्तेमाल कर रही मशीन उन्हें शादी में मिली थी। उन्होंने बताया कि सुबह वह अपनी बहू वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ के साथ मिलकर मास्क बनाती हैं।
ऐसे पहुंचाती है जरूरतमंदों तक मास्क
बुजुर्ग महिला ने बताया कि शुरू में उन्होंने अपने डॉक्टर बेटे एचएस बेदी को मास्क बांटने को दिए। उनका बेटा एक नामी प्राइवेट अस्पताल में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ है। बाद में उन्होंने गरीब लोगों को मास्क देने शुरू किए। वह अपने मास्क हर एक जरूरतमंदों को दे रही हैं। कोशिश यही है कि सब महामारी से बच पाएं।