स्थानीय गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में उपचाराधीन कोरोना वायरस का एक संदिग्ध मंगलवार रात फरार हो गया था। वह सोमवार सुबह ही अस्पताल में दाखिल हुआ था। अब तक उसके टेस्ट की रिपोर्ट भी नहीं आई थी। संदिग्ध के फरार होने की सूचना मिलने पर मंगलवार रात से ही छापामारी कर रही थाना कोतवाली पुलिस ने आखिरकार उसे तलाश लिया। सेहत विभाग की टीम की मदद से उसे दोबारा अस्पताल में दाखिल करवा दिया गया है।
शहर की एक बस्ती के रहने वाले उक्त संदिग्ध ने कुछ दिन अपने एनआरआई दोस्तों के साथ बिताए थे। उसके बाद से उसे खांसी और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में जांच करवाने पहुंचे उक्त व्यक्ति को डॉक्टरों ने कोरोना वायरस होने के शक में दाखिल कर लिया था। आइसोलेशन वार्ड में रखकर उसका उपचार किया जा रहा था। वहां से वह मंगलवार रात फरार हो गया। मंगलवार रात ही पुलिस ने उसकी तलाश में पीसीआर पार्टियों को लगा दिया था। बुधवार दोपहर बाद उसे काबू कर अस्पताल में दाखिल करवा दिया है।
थाना कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि बुधवार को उसके परिवार ने फोन पर उक्त संदिग्ध मरीज के साथ उनकी बात करवाई थी लेकिन वह काफी डरा हुआ है। इसके बाद पुलिस ने उसे लोकेशन के आधार पर काबू कर लिया। मरीज के गिरफ्त में आते ही पुलिस ने सेहत विभाग को सूचित करके एंबुलेंस बुलाई और उसे अस्पताल पहुंचा दिया।
कोरोना वायरस के चलते सिनेमा घर, जिम, मंदिर, शॉपिंग मॉल व अन्य भीड़ वाले स्थानों पर पाबंदी लगा दी गई है। वहीं रजिस्ट्रार ऑफिस में रोजाना सैकड़ों लोगों का आना जारी है। तहसील के सब रजिस्ट्रार दफ्तर में रोजाना सैकड़ों लोग काम करवाने के लिए आ रहे हैं। भीड़ के कारण आज भी सैकड़ों लोगों की जान खतरे में पड़ रही है।
कोरोना का खौफ लोगों में दिख रहा है। तहसील में आने वाले लोग चेहरे पर मास्क व हाथों में सैनेटाइजर पकड़े नजर आ रहे हैं। इसके बाद भी इतनी बड़ी भीड़ कोरोना के फैलने के खतरे को बढ़ा सकती है। इस समय रजिस्ट्रार दफ्तरों का काम ऑनलाइन है लेकिन इसके बावजूद इस दफ्तर में भीड़ देखने को मिल रही है।
एक समय में सिर्फ एक ही पार्टी का दफ्तर में मौजूद रहने का प्रावधान है। अधिकारियों की इस अनदेखी के कारण कभी भी लोग इस वायरस का शिकार हो सकते हैं। पंजाब सरकार के आदेशों के अनुसार कुछ विभागों का दफ्तरी समय आधा दिन भी कर दिया गया है। इसके बाद भी सब रजिस्ट्रार दफ्तर पूरा दिन खुले रखना समझ से परे है।
जालंधर में निर्देश सख्ती से लागू करने के आदेश
कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए डीसी वरिंदर कुमार शर्मा, पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर और एसएसपी नवजोत सिंह माहल ने उपमंडल मजिस्ट्रेटों व सहायक पुलिस कमिश्नरों और डिप्टी पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वायरस की रोकथाम से संबंधित राज्य सरकार की तरफ से जारी निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
बुधवार को सिविल व पुलिस प्रशासन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर व एसएसपी ने कहा कि समूह उपमंडल मजिस्ट्रेट व डिप्टी पुलिस कप्तान अपने अधीन क्षेत्र की 24 घंटे की विस्तृत रिपोर्ट जमा करवाएं। सभी अधिकारी अपनी ड्यूटी पूरी लगन से निभाएं और अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध भी सख्ती से पेश आ जाएं।
उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए 24 घंटे के लिए कोरोना वायरस हेल्पलाइन नंबर 0181 22224848 भी जारी किया गया है। मौके पर एडीसी विशेष सारंगल, डीसी पुलिस अरुण सैनी, उपमंडल मजिस्ट्रेट अमित कुमार, ज्वाइंट कमिश्नर नगर निगम संजीव वर्मा, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर पुलिस डी. सुडरविजी, पीएस भंडाल उपस्थित थे।
कोरोना वायरस की दहशत के कारण जिला बार एसोसिएशन ने जिला अदालती कार्यों पर भी 31 मार्च तक रोक लगाने की मांग की थी। इस मांग को मद्देनजर रखते हुए अदालत परिसरों में भी पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आम जनता के प्रवेश पर पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए हैं।
जिला कचहरी परिसर में भी बुधवार को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आम जनता के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई। बुधवार सुबह जैसे ही लोग अपने-अपने केस की तारीख भुगतने के लिए पहुंचे तो उन्हें अदालत के गेट पर ही तैनात सुरक्षा कर्मचारियों की ओर से रोक दिया गया। इन सभी को कहा गया कि आप शाम को अपने-अपने वकील से केस की तारीख पता कर लें।
सुरक्षा कर्मचारियों का कहना था कि माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की हिदायतों के मद्देनजर अदालत परिसर के अंदर केवल वकीलों को ही जाने की इजाजत दी गई है। इस आदेश से अंजान कुछ लोगों का कहना था कि वह कुछ ही मिनटों में अपनी तारीख भुगतकर आ जाएंगे।
सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट नरिंदर सिंह, एडवोकेट आरके भल्ला, एडवोकेट जसवंत सिंह का कहना है कि अदालत ने जो यह कदम उठाया है वह सराहनीय है। लोगों को भी चाहिए कि वह इस वायरस से बचने के लिए पूरी सावधानी बरतें।
कोरोना वायरस के चलते भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़ ने ऑनलाइन कोर्स उपलब्ध करवाने की घोषणा की है। आईआईटी का प्रथम प्रयास है कि बीटेक, एमटेक, एमएससी और पीएचडी के छात्रों के लिए करीब 150 कोर्स रिकॉर्ड किए जाएंगे। इन लेक्चरों को गूगल क्लास रूम प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर छात्रों को उपलब्ध करवाए जाएगा। ये लेक्चर केवल निर्धारित कोर्स में पंजीकृत हुए छात्रों को ही उपलब्ध किया जाएगा।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़ के निदेशक सरित कुमार दास ने कहा कि आईआईटी रोपड़ मेसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज और एमओओसीज मॉडल का उपयोग कर ऑनलाइन कोर्स प्रदान करने की योजना बना रहा है। इसके तहत पहले चरण में रिकार्डेड लेक्चर छात्रों को उपलब्ध करवाए जाएंगे। इन्हें छात्र अपनी सुविधा व समयानुसार डाउनलोड कर देख सकते हैं।
प्रथम चरण सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद आईआईटी रोपड़ दूसरे चरण पर काम करना शुरू कर देगा। इसमें छात्रों की समस्याओं के समाधान हेतु संबंधित फैकल्टी सदस्यों के साथ वार्ता की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इन व्याख्यानों को स्क्रीन कैप्चरिंग सॉफ्टवेयर की सहायता से रिकॉर्ड किया जाएगा।
कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के मद्देनजर पटियाला के प्रसिद्ध व प्राचीन मंदिर श्री काली देवी जी की सलाहकारी कमेटी ने मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बुधवार दोपहर 12 बजे से अगले आदेशों तक बंद कर दिए। मंदिर की सलाहकारी कमेटी ने बुधवार सुबह एक बैठक करके यह फैसला लिया। इसके मुताबिक मंदिर में पूजा पाठ और सारी धार्मिक रस्में पुजारी की ओर से निभाई जाती रहेंगी।
पीआरटीसी बसों को रोज किया जाएगा सैनेटाइज
कोरोना के संभावित खतरे के मद्देनजर पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) की बसों को अब रोज सैनेटाइज किया जाएगा। पीआरटीसी के चेयरमैन केके शर्मा ने बताया कि छह दिन से बसों को सैनेटाइज करने के लिए स्प्रे किया जा रहा है और बसों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
चेयरमैन ने कहा कि पीआरटीसी की बसों में रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं। इस कारण बीमारियां फैलने का ज्यादा खतरा रहता है। साथ ही पीआरटीसी के दफ्तरों को भी सैनेटाइज किया जा रहा है। इसके अलावा कारपोरेशन के कर्मचारियों को वायरस से बचाव संबंधी शिक्षित किया जा रहा है।
कोरोना वायरस के दो संदिग्धों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव रही है। सेहत विभाग के जिला एपीडोमोलॉजिस्ट डॉ. सुमित सिंह ने बताया कि कोरोना प्रभावित देशों से पटियाला आए 804 व्यक्तियों की सेहत विभाग की टीमों ने स्क्रीनिंग की है। उनमें से सात संदिग्धों के सैंपल लिए गए थे जो निगेटिव हैं।
सेहत विभाग इस वायरस के खिलाफ अपनी नजर पैनी किए हुए है। प्रदेश सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में जिन 14 देशों का जिक्र किया गया है वहां यात्रा करने वाले जिले के सभी लोगों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने आस-पड़ोस में अगर कोई व्यक्ति कोरोना वायरस प्रभावित देश की यात्रा करके वापस आया है तो उसके बारे में तुरंत विभाग को सूचित किया जाए।
पठानकोट: जुडीशियल कांप्लेक्स में अनावश्यक लोगों की एंट्री बैन
जिला ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स में जज, वकील और केसों से संबंधित लोगों के अलावा केवल स्टाफ ही जा पाएगा। जिला एवं सेशन जज पठानकोट कमलजीत सिंह बाजवा ने आदेश जारी कर अनावश्यक लोगों की एंट्री बैन की है। वहीं, बुधवार को कोरोना वायरस के प्रभाव से बचाव के लिए जिला कचहरी में केमिकल का छिड़काव किया गया।
जिला एवं सेशन जज ने बताया कि केवल 50 फीसदी कर्मचारी ही अपनी ड्यूटी पर हाजिर होंगे तथा कोर्ट में सिर्फ उन्हीं व्यक्तियों को आना चाहिए, जिनको कोर्ट की तरफ से बुलाया गया हो। कोर्ट में भीड़ ना हो। उन्होंने जिला कचहरी में काम कर रहे कर्मचारियों को कोरोना वायरस से बचाव के बारे में जागरूक भी किया।
फिरोजपुर में मॉक ड्रिल
कोरोना वायरस को लेकर बुधवार को गांव मोहकम खां वाला में डीसी कुलवंत सिंह की अगुवाई में मॉक ड्रिल करवाई गई। इसमें विभिन्न सरकारी विभागों ने एकजुटता दिखाते हुए तैयारियों का प्रदर्शन किया। डीसी कुलवंत सिंह ने कहा कि समस्या का समाधान सिर्फ जागरूकता से ही किया जा सकता है। मॉक ड्रिल में गांव के एक घर से कोरोना वायरस प्रभावित देश से आए हुए एक व्यक्ति के बारे में कंट्रोल रूम पर फोन करके सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सेहत विभाग, पुलिस डिपार्टमेंट, फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग समेत विभिन्न विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गईं।