उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे जिला स्तरीय समितियों का गठन करें, जो ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर पास जारी करेंगी। उद्योगों में कार्य आरंभ होने के साथ ही लोगों की आवाजाही बढ़ जाएगी, ऐसे में उनकी निगरानी करना और अधिक महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर उनका परीक्षण किया जाना चाहिए।
कोई श्रमिक अगर एक स्थान से दूसरे स्थान पर कार्य करने जा रहा हो तो कोविड-19 की रोकथाम के लिए उसकी मेडिकल जांच की जानी चाहिए और उनका डेटा भी बनाकर रखना है कि वह श्रमिक किस जगह गया है। कार्यस्थल पर या उसके आपपास ही ऐसे श्रमिकों के सब कैंप बनाए जा सकते हैं। उद्योग विभाग द्वारा शिकायत निवारण हेल्पलाइन स्थापित की जाएगी, जहां उद्योगपति कॉल कर सकते हैं और पास बनवाने व अन्य प्रबंधों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उक्त प्रक्रिया की देखरेख के लिए उन्होंने उपायुक्तों को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के भी निर्देश दिए।
बुक, स्टेशनरी शॉप खोलने की तैयारी
मुख्य सचिव ने कहा कि शिक्षा के लिए आवश्यक सामग्री की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए, पुस्तकों या स्टेशनरी की दुकानों को खोलने और संचालित करने की अनुमति दी जानी चाहिए। बशर्ते वहां सोशल-डिस्टेंसिंग तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का पालन हो। अगर संभव हो तो विद्यार्थियों के दरवाजे तक पुस्तकें पहुंचाने की संभावना को भी खोजा जा सकता है। विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए ऑडियो और वीडियो क्लिपिंग के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षा तंत्र का भी उपयोग किया जाना चाहिए।
हरियाणा के वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान दो प्रकार के पास जारी किए जाएंगे। जिसमें कंटेनमेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं को बनाने वाले उद्योगों के लिए एक ‘त्रिकोणीय विशेष पास’ तथा गैर-कंटेनमेंट जोन के लिए ‘आयताकार साधारण पास’ जारी किया जाएगा। उद्योगों को एक चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा, जिसमें स्वच्छता, मास्क का उपयोग और सोशल-डिस्टेंसिंग से संबंधित अनिवार्य शर्तें पूरी करनी होंगी।
कंटेनमेंट एरिया में फसल खरीद थोड़ा रुककर होगी
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने कहा कि कंटेनमेंट क्षेत्रों में फसल की खरीद थोड़े समय बाद की जाएगी। खरीद केंद्रों पर तैनात किए जाने वाले अन्य विभागों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे खरीद प्रक्रिया से अच्छी तरह से परिचित हो सकें।
उन्होंने कहा कि अधिकारी खरीद शुरू होने से एक दिन पहले अपने संबंधित केंद्रों का दौरा करेंगे और सैनिटाइजर मास्क आदि की उपलब्धता का जायजा लेंगे। खरीद केंद्रों की मैपिंग शुरू की जा रही है ताकि वहां पर आने वाले लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े, चाहे वे आढ़ती हों, किसान हों या मजदूर। वहां ज्यादा भीड़भाड़ न हो, इसका भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर खरीद केंद्र पर एक पर्यवेक्षक अधिकारी तैनात किया जाएगा जो खरीदे गए गेहूं की मात्रा के बारे में जानकारी देगा।