पंजाब में कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन प्रदेश में कोरोना के कारण मौत दर्ज हुई। सूबे में इस बीमारी से होने वाली यह 15वीं मौत है। वहीं राज्य में कोरोना के 17 नए केस आने से पीड़ितों की संख्या भी बढ़कर 214 तक पहुंच गई है। हालांकि कोरोना से ठीक हुए लोगों की संख्या भी बढ़कर 30 हो गई है।
सेहत विभाग की ओर से जिलेवार जारी आंकड़ों के अनुसार, मोहाली में पीड़ितों की संख्या 57, जालंधर में 38, पठानकोट में 24, नवांशहर में 19, लुधियाना में 15, अमृतसर, मानसा व पटियाला में 11-11, होशियारपुर में 7, मोगा में 4, फरीदकोट, रोपड़, संगरूर व बरनाला में 3-3, फतेहगढ़ साहिब व कपूरथला में 2-2, मुक्तसर, गुरदासपुर और फिरोजपुर में 1-1 केस दर्ज किया गया है।
लुधियाना जिले के पायल निवासी 58 वर्षीय राजस्व विभाग के कानूनगो गुरमेल सिंह की डीएमसी लुधियाना में शुक्रवार को मौत हो गई। वे कोरोना संक्रमित थे, हालांकि डॉक्टरों में उनकी मौत का कारण दिल का दौरा बताया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुक्रवार शाम को कोरोना संबंधी मीडिया बुलेटिन में भी इस मौत का जिक्र नहीं किया गया।
कानूनगो का यात्रा इतिहास नहीं
कोरोना संक्रमित कानूनगो को 14 अप्रैल को सेहत बिगड़ने के बाद डीएमसी में भर्ती कराया गया था। उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। गुरुवार रात को ही उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उनका कोई यात्रा इतिहास नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने उनके परिवार के अन्य सदस्यों को क्वारंटीन कर सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। सिविल सर्जन डॉ. राजेश बग्गा ने बताया कि वे कोरोना से संक्रमित थे लेकिन उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है।
चार नए मामले भी सामने आए
लुधियाना में शुक्रवार को ही कोरोना के चार संक्रमित मामले सामने आए। चारों संक्रमित एसीपी नार्थ के संपर्क में हैं। इसमें एसीपी की पत्नी, थाना जोधेवाल प्रभारी, एक कांस्टेबल और जिला मंडी अधिकारी शामिल हैं। नए केस सामने आने के बाद जिले में कोरोना पीड़ितों की संख्या 16 हो गई है। इनमें से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। जिला मंडी अधिकारी कुछ दिन पहले जिले में सब्जी मंडी में भीड़ को लेकर हुए विवाद के दौरान संक्रमित एसीपी के संपर्क में आई थी।
डीएमसी में भर्ती कानूनगो की शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई है, वह कोरोना पॉजिटिव थे। इसके अलावा चार नए पॉजिटिव केस आए हैं। उन्हें आइसोलेट कर दिया गया है। उनके संपर्क में आने वाले अन्य लोगों की पहचान सेहत विभाग की तरफ से की जा रही है।
- डॉ. राजेश बग्गा, सिविल सर्जन लुधियाना