चंडीगढ़ में कोरोना वायरस का खौफ दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। लोग खुद को सुरक्षित रखने पर फोकस कर रहे हैं। बिना मास्क घर से बाहर निकलना नजरअंदाज किया जाने लगा है। हर कोई जेब में सैनिटाइजर रखने लगा है। चंद दिनों पहले तक शहर के मार्केट से मास्क और सैनिटाइजर गायब हो चुका था, लेकिन अब फिर से बाजार तेज हो गया है।
मेडिकल स्टोर संचालकों ने पिछले दिनों स्टोर किए स्टॉक को अब बाजार में उतारना शुरू कर दिया है। इससे स्थिति ज्यादा गड़बड़ हो गई है। मेडिकल स्टोर संचालकों का कहना है कि लोग एन95 मास्क जो आम दिनों में बाजार में 80-90 रुपये में उपलब्ध होता है, उसकी मांग करते हुए 500 से 700 रुपये तक देने को तैयार हैं।
हैरानीजनक है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से छापेमारी कर मास्क और सैनिटाइजर की कीमत बढ़ने से रोकने के लिए बनाई टीमों को 10 दिन बाद भी जांच का समय नहीं मिल पाया है। तीन अलग-अलग जोन में गठित की तीन टीमों में से सिर्फ एक टीम ने ही दो दिन जांच की है। दो अन्य टीमों का जवाब है कि कोरोना की मीटिंग से फुर्सत नहीं मिल पा रही। उधर, इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी जवाब देने को तैयार नहीं हैं।
दो दिन में 24 दुकानों पर मिली गड़बड़ी
कालाबाजारी का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि एक टीम की ओर से दो दिनों की छापेमारी में 24 से ज्यादा दुकानों पर गड़बड़ी मिली थी। इनमें से 17 दुकानों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जांच टीम
पहली टीम : एसडीएम सेंट्रल, डीएसपी सेंट्रल, ड्रग इंस्पेक्टर अमित दुग्गल और फूड एंड सिविल सप्लाइज एंड कंज्यूमर अफेयर्स बलजिंदर सिंह।
दूसरी टीम : एसडीएम साउथ, डीएसपी साउथ, ड्रग इंस्पेक्टर सारिका मलिक, फूड एंड सिविल सप्लाइज एंड कंज्यूमर अफेयर्स इंस्पेक्टर नीरज घई।
तीसरी टीम : एसडीएम ईस्ट, डीएसपी ईस्ट, ड्रग इंस्पेक्टर जसबीर सिंह, फूड एंड सिविल सप्लाइज एंड कंज्यूमर अफेयर्स मनीष साहनी।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर
कोरोना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी लेने और देने के साथ ही मास्क और सैनिटाइजर की कालाबाजारी से जुड़ी शिकायत के लिए 9779558282 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। इस नंबर पर प्र्रतिदिन 20 से 25 कॉल आ रही है, जिनमें से 80 प्रतिशत कॉल कालाबाजारी से जुड़ी हैं।