चंडीगढ़ में आवश्यक सेवाओं के कार्यालयों में कार्यरत अनेक लोग मोहाली, जीरकपुर, डेराबस्सी, नयागांव, खरड़ व अन्य इलाकों में रहते हैं। पंजाब के कर्फ्यू लगाने के बाद बॉर्डर सील होने से इनका कार्यालय पहुंचना व घर से निकलना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा पंचकूला में रहने वाले कुछ लोग भी अन्य जिलों में चले गए थे, जो कर्फ्यू के कारण वापस नहीं आ पा रहे। सीएम मनोहर लाल ने कहा कि इस संबंध में पंजाब सरकार से बात करेंगे। पंचकूला व अन्य जिलों के डीसी को भी कर्फ्यू के कारण फंसे लोगों को निकालने का जिम्मा सौंपा जाएगा।
शराब एक तो सैनिटाइजर दूसरा कालाबाजारी का डर
सरकार ने शराब ठेकों को इसलिए बंद नहीं किया है, चूंकि एक तो यह सैनिटाइजर का भी काम करती है, दूसरा ठेके बंद होने से कालाबाजारी बढ़ने का भी डर है। इससे सरकार को अच्छा खासा राजस्व भी आता है। अगर ठेके बंद किए तो शराब माफिया सरकार को बड़ी चपत लगाएगा।
ये सेवाएं मिलेंगी
बिजली, पानी, सीवरेज, बैंक, एटीएम, डाक सेवा, खेती से जुड़े कार्य, भोजन, फल, सब्जी, आटा, मीट शॉप, होम डिलीवरी, मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, आयल एजेंजी, मास्क व सैनिटाइजर बनाने व आपूर्ति करने वाले प्रतिष्ठान।