भारतीय मजदूर संघ हरियाण से जुड़े संगठनों में शामिल तमाम कर्मचारियों ने अपना एक दिन का वेतन कोरोना राहत कोष में देने का निर्णय लिया है। संघ ने सभी कर्मचारियों से 8 घंटे ड्यूटी की जगह दिन-रात ड्यूटी का भी आह्वान किया है।
भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री हनुमान गोदारा, प्रांत मंत्री कृष्ण लाल गुर्जर ने कहा कि इस संकट की घड़ी में सभी का दायित्व बनता है कि मिलकर इस भयंकर महामारी से जनता को जागरूक करें। उन्होंने बताया कि परिवहन, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, बीएंडआर, सफाई कर्मी, दमकल कर्मी, लिपिक इत्यादि विभिन्न कर्मचारी बिना ओवरटाइम के दिन-रात जनता की सेवा करने के लिए तत्पर हैं।
इनेलो विधायक अभय चौटाला ने राहत कोष में एक माह का वेतन दिया
इनेलो विधायक अभय चौटाला ने भी कोरोना महामारी से निपटने के लिए राहत कोष में एक माह का वेतन दिया है। उन्होंने रिलीफ फंड में अपने विधायक कोटे से एक माह का वेतन देने की घोषणा की है। अगर इसके लिए और राशि की आवश्यकता होगी तो वह भरपूर योगदान देने के लिए तत्पर रहेंगे। सरकार इससे निपटने के साथ ही गरीब व मजदूर वर्ग के लिए राहत जारी करे।
अभय ने निजी फंड से और दिए पांच लाख, एक साल का वेतन भी
इनेलो विधायक अभय चौटाला ने कोरोना रिलीफ फंड में अपने विधायक कोटे का एक वर्ष का वेतन व निजी फंड से पांच लाख रुपये और दिए हैं। फंड स्थापित न होने से पहले उन्होंने एक माह का वेतन राहत कार्यों के लिए दिया था। इनेलो नेता ने कहा कि सभी प्रदेशवासियों को अपनी यथासंभव शक्ति अनुसार रिलीफ फंड में योगदान देना चाहिए।
सभी सांसद, विधायक और मंत्री भी ज़्यादा से ज़्यादा सहयोग दें। इनेलो के युवा प्रकोष्ठ के साथियों व इनेलो के छात्र विंग से भी उन्होंने अनुरोध करते हुए कहा कि युवाओं को मुसीबत की घड़ी में वालंटियर तौर पर पीड़ितों की भरपूर मदद करनी चाहिए। वे वालंटियरों की सूची में अपने नाम शामिल कराएं।
हरियाणा के सरकारी अनुदान प्राप्त (ऐडेड) कॉलेजों के टीचिंग व नान टीचिंग स्टाफ को पिछले दो व तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है। मगर उसके बावजूद स्टाफ ने संकट की इस घड़ी में सरकार के आह्वान पर कोरोना ग्रस्त मरीजों की मदद करने का निर्णय लिया है।
कोरोना वायरस की इस महामारी को देखते हुए कॉलेज टीचर एसोसिएशन हरियाणा के राज्य प्रधान डॉक्टर राजबीर सिंह ने बताया कि सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज के शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारियों से अपील की गई है कि वह अपने एक महीने के कुल वेतन का 5 प्रतिशत मुख्यमंत्री राहत कोष कोरोना ग्रस्त मरीजों की मदद के लिए दें।
उनके अनुसार मेडिकल प्रोफेशन, पुलिस अपनी सेवा और सफाई कर्मी अपनी सेवा भक्ति से इस कार्य में जान जोखिम पर डालकर सहयोग दे रहे हैं। लिहाजा हम भी अपने खर्चों को सीमित करके इस सहयोग राशि को मदद स्वरूप देकर कोरोना पीड़ितों की मदद कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा में 95 सरकारी सहायता प्राप्त (ऐडेड) महाविद्यालय हैं।
जिनमें 2947 शिक्षकों की सेक्शन पोस्ट हैं। उनके अनुसार इन कॉलेजों में पिछले दो व तीन माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। मकान किराया भत्ता से भी ये स्टाफ महरूम है। उसके बावजूद कॉलेज के स्टाफ संकट की घड़ी में सरकार की मदद करेगा जैसे ही उनको वेतन प्राप्त होगा, उसका 5त्न वेतन कर्मचारी मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करवाएंगे।
हरियाणा के सभी विभागों के ग्रुप डी सहित सभी कर्मचारी कोरोना वायरस के खिलाफ मजबूती से लड़ने के लिए मुख्यमंत्री रिलीफ फंड में एक दिन का वेतन देंगे। सीएम मनोहर लाल व कर्मचारियों के मुख्य संगठन सर्व कर्मचारी संघ की अपील पर यह निर्णय लिया गया है।
संकट की इस घड़ी में कर्मचारी आर्थिक मदद के अलावा अपनी जान जोखिम मे डालते हुए कोरोना से लड़ने व स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य आवश्यक सेवाओं को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करेंगे। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, वरिष्ठ उप प्रधान नरेश कुमार शास्त्री व महासचिव सतीश सेठी ने बताया कि अगर सरकार को इसके अलावा भी आर्थिक मदद की आवश्यकता पड़ी तो प्रदेश के कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे।