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चंडीगढ़ में लगातार तीसरे हफ्ते कोरोना टीकाकरण में गिरावट

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चंडीगढ़। कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन लोगों ने मान लिया है। इसका सबसे बड़ा सुबूत यह है कि कोरोना को रोकने के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान के प्रति हेल्थ व फ्रंट लाइन वर्कर्स की उदासीनता। चंडीगढ़ में 16 जनवरी से कोरोना टीकाकरण की शुरुआत हुई थी, लेकिन हर हफ्ते इसमें गिरावट देखी जा रही है।
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पहले हफ्ते में लक्ष्य के मुकाबले 52.4 फीसदी लोगों को टीका लगा, दूसरे हफ्ते में 43.5 फीसदी जबकि तीसरे हफ्ते में यह आंकड़ा 42 फीसदी पर पहुंच गया जबकि यह वो लोग हैं, जो कोरोना के मरीजों के साथ पिछले कई महीनों से जूझते रहे हैं। विशेषज्ञो का कहना है कि यदि स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंट लाइन वर्कर्स ही आगे नहीं आएंगे तो आम आदमी कैसे उत्साहित होंगे? जबकि कोरोना वैक्सीन का अब तक कोई भी साइडइफेक्ट सामने नहीं आया है। यह स्थिति तब है, जब लोगों की काउंसलिंग कर उन्हें टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. अमनदीप कौर कंग का कहना है कि प्रशासन की ओर से लगातार लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उम्मीद है कि चौथे हफ्ते में हमें पाजिटिव परिणाम देखने को मिलेंगे।
चंडीगढ़ समेत कई राज्यों में 16 जनवरी से टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था। पहले हफ्ते 3069 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था, इनमें से कुल 1611 लोगों को टीका लगा। दूसरे हफ्ते में (23 से 30 जनवरी) के बीच जो अभियान चला, उसके अंतर्गत 4464 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया। इनमें से 1945 लोगों को सिर्फ टीका लग पाया। इस हिसाब से सिर्फ 43.5 फीसदी लक्ष्य को पाया गया। तीसरा हफ्ता जो 31 जनवरी से छह फरवरी तक चला, उसमें 5236 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया, लेकिन इसमें भी उम्मीद के मुताबिक कामयाबी नहीं मिली। सिर्फ 2198 लोगों को ही टीका लग पाया। यानी पहले दो चरण के मुकाबले इसमें और गिरावट देखी गई। लक्ष्य के मुकाबले 42 फीसदी लोगों को ही टीका लग पाया।
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डॉ. कंग का कहना है कि लोगों को उत्साहित करने के लिए सभी विभागाध्यक्ष को भी कहा गया है कि जिन लोगों को टीका लगा चुका है, उनके जरिए पॉजिटिव संदेश भिजवाएं। बीते हफ्ते केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने यह भी टिप्पणी की थी कि चंडीगढ़ एक जागरूक शहर है, लेकिन इसके बावजूद टीकाकरण कवरेज केवल 22.6 फीसदी रहा है। चंडीगढ़ ग्लोबल हेल्थ केयर के निदेशक डॉ. संजीव भाटिया का कहना है कि सरकार को टीकाकरण की ठोस शुरुआत करनी चाहिए थी। सेलिब्रेटिज को टीके लगवाते और फिर दूसरे लोगों को। डाटा कम होने की वजह से लोगों में टीके पर विश्वास नहीं हो रहा।
संक्रमण दर में चौथे नंबर पर चंडीगढ़
टीकाकरण में गिरावट के साथ एक और चिंताजनक बात है कि संक्रमण दर के मामले में चंडीगढ़ देश में चौथे नंबर है। शनिवार को संक्रमण दर 2.3 फीसदी रिकार्ड हुई है, जो राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा है। पिछले छह दिन से चंडीगढ़ में कोरोना से मौत हो रही है। ऐसे में लोगों को अब भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। कई लोगों ने तो सामाजिक दूर का पालन और मास्क लगाने की आदत ही छोड़ दी है।
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