चंडीगढ़। सेक्टर-26 स्थित सब्जी मंडी में सब्जी और फल लेकर आने वाले अलग-अलग प्रदेशों के लोगों की न तो स्क्रीनिंग की जा रही है और न ही उनकी कोई जानकारी ली जा रही है। कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।
प्रशासन ने वीकेंड लॉकडाउन और रात्रि कर्फ्यू तो लगा दिया, लेकिन सब्जी मंडी में हालात पहले जैसे ही हैं। बीते वर्ष मंडी के प्रवेश द्वार पर सैनेटाइजेशन टनल लगाया गया था। साथ ही मंडी में जाने वाले हर व्यक्ति की जानकारी रखी जा रही थी लेकिन अब ऐसा नहीं किया जा रहा। रोजाना यहां भारी भीड़ उमड़ रही है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा है। बीते साल इसी लापरवाही के कारण सेक्टर-26 स्थित बापूधाम कोरोना का केंद्र बन गया था क्योंकि मंडी में काम करने वाले ज्यादातर लोग बापूधाम में रहते हैं। इसके बाद प्रशासन को मंडी सेक्टर-17 में स्थानांतरित करनी पड़ी थी। इस बार हालात पिछले साल से भी खराब हैं। ऐसे में प्रशासन ने कड़े कदम नहीं उठाए तो परिणाम भयावह हो सकते हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
जो लोग सुबह बिना सामाजिक दूरी के फड़ी लगा लेते हैं। उन्हें अलग-अलग बैठाना चाहिए। क्योंकि इससे कोरोना फैलने का खतरा काफी रहता है। - रामकरन गुप्ता, अध्यक्ष, ग्रेन मार्केट एसोसिएशन
मंडी में स्क्रीनिंग की व्यवस्था करने की तैयारी की जा रही है। वहीं मास्क व सामाजिक दूरी को लेकर लोगों को लगातार जागरूक कर रहे हैं।
जरनैल सिंह मावी, सेक्रेटरी, मंडी कमेटी
ठेके में स्क्रीनिंग का कोई जिक्र नहीं था। मंडी कमेटी चाहती है कि हम स्क्रीनिंग करें तो उसके लिए हमें फंड दे। हम तो पहले ही नुकसान में हैं। -मोहम्मद इद्रीस, ठेकेदार, पार्किंग
यहां कई प्रदेशों से लोग सब्जी व फल लेकर आते हैं। कम से कम चालक की स्क्रीनिंग हो जाएगी, तब भी काफी है। पहले हर 15 दिन में ग्रेन मार्केट में सैनेटाइजेशन होता था। अब वह भी बंद हो गया।
-कस्तूरी लाल शर्मा, आढ़ती, सेक्टर 26 मंडी