फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोगों ने कोरोना को तो हरा दिया, पर मानसिक तनाव ने घेरा, मनोचिकित्सक बोले- अफवाहों से बचें

Sat, 03 Oct 2020 01:00 PM IST
खुशबू गोयल वीणा तिवारी, चंडीगढ़

सार

  • संक्रमण को मात दे चुके लोगों में अब भी दहशत बरकरार
  • रोजाना तरह तरह की सूचनाएं बढ़ा रही हैं उनकी परेशानी
  • मनोचिकित्सक बोले- परेशान न हों और एहतियात बरतें
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लोगों ने कोरोना महामारी को भले ही हरा दिया हो, लेकिन उसकी दहशत दिमाग से नहीं जा रही है। लोग दोबारा संक्रमित होने के डर से तनावग्रस्त हो रहे हैं। थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर और बीपी मशीन से अपनी सेहत जांच रहे हैं। कुछ तो मनोचिकित्सकों की शरण में जा पहुंचे हैं।
विज्ञापन


छींक आते ही घबरा जाती हैं अनीता
सेक्टर 32 की अनीता शर्मा (बदला हुआ नाम) को अगस्त में कोरोना हुआ था। 17 दिन आइसोलेशन में रखने के बाद उन्हें सूद धर्मशाला से डिस्चार्ज कर दिया गया, लेकिन अनीता अभी भी डरी हुई हैं। जरा-सी छींक आ जाए तो वह पल्स ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन का स्तर जांचने लगती हैं। इतना ही नहीं सो कर उठने पर शरीर का तापमान ज्यादा होने पर उन्हें बुखार का डर सताने लगता है। वह थर्मामीटर से तापमान चेक करने लगती हैं । उनकी इस तरह की बातों से परिवार भी परेशान है।

सोशल मीडिया की खबरें कर देती हैं बेचैन
सेक्टर-15 अजीत कुमार (बदला हुआ नाम) को भी इस बात का डर सता रहा है कि कहीं वह दोबारा संक्रमित न हो जाएं। उन्होंने कोरोना संक्रमण से तो विजय पा ली लेकिन सोशल मीडिया पर आ रही तरह-तरह की खबरें उन्हें बेचैन कर देती हैं। परिवार वाले समझाते हैं तो वह इन्हीं खबरों का हवाला देने लगते हैं। दहशत इस कदर हावी है कि उन्होंने दोबारा अपनी कोरोना की जांच तक करा ली है। हालांकि रिपोर्ट निगेटिव आई है।
विज्ञापन

40 मनोचिकित्सक दे रहे सेवाएं

लोगों की ऐसी शंकाओं को दूर करने के लिए ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से नाको (नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन) में 40 मनोचिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। जीएमएसएच-16 के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि लोगों की ऐसी समस्याओं को दूर करने के लिए टेली कंसल्टेशन में भी मनोचिकित्सक का नंबर 0172-2752188 जारी किया गया है। लोग इनकी सेवाएं ले भी रहे हैं।

न हों परेशान, अफवाहों पर न दें ध्यान
जीएमएसएच-16 के मनोचिकित्सक डॉ. गिरधर का कहना है कि कोरोना को लेकर प्रसारित की जा रही अफवाहों पर ध्यान देने की बजाय खुद को सकारात्मक बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए। अपने परिवार और दोस्तों से खुलकर बात करनी चाहिए। किसी भी तरह की समस्या होने पर तनावग्रस्त होने की बजाय उस समस्या को दूर करने के उपाय के बारे में सोचना चाहिए।

कोरोना संक्रमण दोबारा होने का सोचकर डरने की बजाय एहतियात बरतें
पीजीआई मनोचिकित्सा विभाग के डॉ. सुबोध का कहना है कि इस तरह की परेशानी वाले लोगों की काउंसलिंग की जा रही है। उन्हें यह सलाह दी जा रही है कि वे कोरोना संक्रमण दोबारा होने की बात सोचकर डरे नहीं, बल्कि एहतियात बरतें। एक बार संक्रमण से निजात पाने के बाद दोबारा भी संक्रमण होने का पूरा चांस है, इसलिए लापरवाही नहीं की जानी चाहिए। उस लापरवाही के डर को खुद पर इतना ज्यादा हावी भी न होने दें कि वह तनाव का रूप ले ले।
विज्ञापन

मानसिक तनाव को दूर रखने के लिए करें ये उपाय

  • खुद को व्यस्त रखें।
  • शौक को समय दें।
  • हेल्दी फूड का सेवन करें।
  • अच्छी तरह नींद लें।
  • मनपसंद संगीत सुनें।
  • किताबें पढ़ें।
  • दिनचर्या को नियमित करें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें