लोगों ने कोरोना महामारी को भले ही हरा दिया हो, लेकिन उसकी दहशत दिमाग से नहीं जा रही है। लोग दोबारा संक्रमित होने के डर से तनावग्रस्त हो रहे हैं। थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर और बीपी मशीन से अपनी सेहत जांच रहे हैं। कुछ तो मनोचिकित्सकों की शरण में जा पहुंचे हैं।
छींक आते ही घबरा जाती हैं अनीता
सेक्टर 32 की अनीता शर्मा (बदला हुआ नाम) को अगस्त में कोरोना हुआ था। 17 दिन आइसोलेशन में रखने के बाद उन्हें सूद धर्मशाला से डिस्चार्ज कर दिया गया, लेकिन अनीता अभी भी डरी हुई हैं। जरा-सी छींक आ जाए तो वह पल्स ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन का स्तर जांचने लगती हैं। इतना ही नहीं सो कर उठने पर शरीर का तापमान ज्यादा होने पर उन्हें बुखार का डर सताने लगता है। वह थर्मामीटर से तापमान चेक करने लगती हैं । उनकी इस तरह की बातों से परिवार भी परेशान है।
सोशल मीडिया की खबरें कर देती हैं बेचैन
सेक्टर-15 अजीत कुमार (बदला हुआ नाम) को भी इस बात का डर सता रहा है कि कहीं वह दोबारा संक्रमित न हो जाएं। उन्होंने कोरोना संक्रमण से तो विजय पा ली लेकिन सोशल मीडिया पर आ रही तरह-तरह की खबरें उन्हें बेचैन कर देती हैं। परिवार वाले समझाते हैं तो वह इन्हीं खबरों का हवाला देने लगते हैं। दहशत इस कदर हावी है कि उन्होंने दोबारा अपनी कोरोना की जांच तक करा ली है। हालांकि रिपोर्ट निगेटिव आई है।