मासिक आमदनी लगभग 90 लाख रुपये थी। अब घटकर 70 से 75 लाख रह गई है। लोगों ने ऑनलाइन खरीदारी शुरू कर दी है। पहले जो लोग हर माह का राशन लेते थे, अब वह ऑफर के चक्कर में ऑनलाइन लेते हैं। यह हमारे लिए चुनौती है। राजेंद्र जैन, अध्यक्ष, रिटेल किराना व्यवसायी एसोसिएशन
सैनिटाइजर बिका, पर अन्य दवाओं की मांग घटी
कोरोना काल में सैनिटाइजर, मास्क और दस्तानों की मांग तो बढ़ गई लेकिन कई ऐसी दवाइयां हैं, जिनकी मांग खत्म ही हो गई। छह माह से अस्पतालों की ओपीडी बंद हैं। प्राइवेट डॉक्टर भी नहीं देख रहे। ऐसे में दवाओं का व्यवसाय भी 60 प्रतिशत ही रह गया है। - अमरजीत सिंह, प्रधान, दवा व्यवसाय एसोसिएशन
कपड़े का बाजार 20 प्रतिशत पर आ गया
लोग अब प्राथमिकता के आधार पर खरीदारी कर रहे हैं। पहले लोग समय-समय पर कपड़ा खरीदते थे, अब जरूरत के अनुसार ही सामान खरीद रहे हैं। कपड़े का व्यवसाय केवल 20 प्रतिशत ही रह गया है। त्योहार के लिए अब व्यापारी ऑर्डर करने में डर रहे हैं। चरणजीव सिंह, चेयरमैन, चंडीगढ़ व्यापार मंडल