कोरोना महामारी ने एक तरफ जहां लोगों का रहन सहन और सोच बदली है, वहीं चिकित्सा बाजार का रुख भी बदल चुका है। कल तक जहां दवाइयों का करोड़ों का कारोबार हुआ करता था, उसका स्थान अब मास्क और सैनिटाइजर ने ले लिया है।
एक सप्लायर का कहना है कि मास्क और सैनिटाइजर की आपूर्ति लगभग 100 गुना ज्यादा बढ़ गई है। दवा की दुकान के अलावा जनरल स्टोर और अन्य दुकानों पर भी मास्क और सैनिटाइजर के भरपूर स्टॉक रखे जाने लगे हैं। जो मास्क मुंबई और दिल्ली से मंगाया जा रहा था, वह अब बद्दी, मोहाली और चंडीगढ़ में भी बनने लगा है।
कालाबाजारी भी हुई..
शुरुआती दौर में मास्क और सैनिटाइजर की कालाबाजारी हुई। 10 रुपये में मिलने वाला मास्क 70 से 80 रुपये में बिक रहा था। सैनिटाइजर का भी ऐसा ही हाल था। एक मेडिकल शॉप संचालक का कहना है कि लोग एन 95 मास्क के लिए तो 500 से 600 रुपये तक खर्च करने को तैयार थे। कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इसके मूल्य निर्धारित किए।
100 गुना ज्यादा हुए खरीदार
मास्क और सैनिटाइजर के सप्लायर जेके शेट्टी ने बताया कि अब शहर का हर व्यक्ति मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग कर रहा है। कोरोना महामारी से पहले तक इसका मार्केट दो से तीन प्रतिशत हुआ करता था। अब सौ फीसदी है।
महीने में 10 लाख रुपये तक पहुंची मास्क सैनिटाइजर की मांग
शेट्टी ने बताया कि चंडीगढ़ में 350 केमिस्ट शॉप और लगभग 150 केमिस्ट सप्लायर हैं। पहले 350 केमिस्ट शॉप महीने में 8 से 10 हजार तक के मास्क और सैनिटाइजर मंगाते थे। लेकिन अब मांग महीने में 10 लाख तक पहुंच गई है। सप्लायर भी बढ़कर 250 हो गए हैं।
दो रुपये से लेकर 350 तक का मास्क बाजार में
चिकित्सा बाजार में मास्क और सैनिटाइजर के अलग-अलग रेंज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसमें मास्क 2 रुपये से लेकर 350 तक और सैनिटाइजर 50 से लेकर 250 रुपये तक में बिक रहा है।
यूज एंड थ्रो मास्क
आसानी से उपलब्ध होने के कारण इसका प्रयोग सबसे ज्यादा किया जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से ये कोरोना महामारी से बचाव के लिए उपयुक्त नहीं है। फिर भी संक्रमण से बचाव के लिए इसकी खरीदारी की जा रही है। 2 रुपये से 20 रुपये की लागत वाले इस मास्क को सिर्फ एक बार ही प्रयोग किया जा सकता है।
ट्रिपल लेयर मास्क
संक्रमण से बचने के लिए यह मास्क कुछ कारगर है लेकिन इससे भी 30 से 40 प्रतिशत तक ही बचाव हो पाता है। तीन लेयर होने की वजह से यह संक्रमण को कुछ हद तक रोकने में कामयाब रहता है। इसकी कीमत 50 रुपये से शुरू होती है और 200 रुपये तक जाती है ।
सिक्स लेयर मास्क
यह संक्रमण से काफी हद तक बचाव करता है। इससे संक्रमण में लगभग 80 फीसदी बचाव हो सकता है परंतु बहुत अधिक संक्रमित क्षेत्र में यह अधिक कारगर नहीं है। यह काफी हद तक वायरस से संक्रमित होने से बचाता है। यह 200 रुपये से लेकर 350 रुपये तक की रेंज में उपलब्ध है। इस मास्क को कई बार धोकर इस्तेमाल किया जा सकता है ।
एन-95 मास्क
संक्रमण से बचने के लिए सबसे सुरक्षित मास्क माना जाता है। यह संक्रमण को शरीर में जाने से रोकता है। इस मास्क का मूल्य 150 रुपये से शुरू होकर 350 रुपये है। डॉक्टर भी आमतौर पर इसी मास्क का प्रयोग करते हैं। लेकिन यह मास्क बेहद टाइट होते हैं और इसी वजह से इन्हें लंबे समय तक पहने रहना संभव नहीं है।
मांग बढ़ गई, कालाबाजारी की हो जांच
दवा कारोबारी एवं पंचकूला नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष बीबी सिंघल ने बताया कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए लोग अपने बचाव के इंतजाम करने लगे हैं। इससे सैनिटाइजर और मास्क की मांग काफी बढ़ गई है। सैनिटाइजर और मास्क का पहले इस्तेमाल डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान करते थे।
अब सभी लोग कोरोना से बचाव के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसको देखते हुए तमाम नई कंपनियां मार्केट में मास्क और सैनिटाइजर बना रही हैं। मेरी स्वास्थ्य विभाग ने मांग है कि वह सभी जगह चेकिंग करे। कई जगह यह दोगुने रेट में बेंचे जा रहे हैं। सैनिटाइजर मानक को भी पूरा नहीं कर रहे हैं। इसकी भी जांच होनी चाहिए। इसके व्यवसाय में साठ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
कोरोना के कारण मास्क और सैनिटाइजर के बाजार में अचानक से तेजी आई है। लोग खुद को संक्रमण से बचाने के लिए जमकर खरीदारी कर रहे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।
- अमरजीत सिंह, अध्यक्ष, चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन