चंडीगढ़ में बापूधाम निवासी जिस परिवार में बुधवार को बच्चे का जन्म हुआ था, वहां बेटे के जन्म की खुशियों पर कोरोना का ग्रहण लगा गया है। जीएमएसएच में डिलीवरी के आगे दिन मां में कोरोना की पुष्टि होने पर उसे नवजात से अलग कर पीजीआई के कोरोना हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया है।
वहीं बच्चा अब भी जीएमएसएच के प्राइवेट रूम में भर्ती है। उसकी देखभाल अस्पताल के स्टाफ और उस बच्चे के घर का एक सदस्य कर रहा है। कोरोना के कारण स्थिति यह हो गई है कि एक बच्चे को अपनी मां का दूध तक मयस्सर नहीं हो पा रहा है। उधर मां पीजीआई में अपने बच्चे के लिए तड़प रही है तो इधर वो नवजात अपनी मां के लिए।
24 घंटे बाद छीना मां का दूध
बुधवार की दोपहर डिलीवरी के बाद वीरवार की दोपहर 12 बजे तक स्थिति सामान्य थी। मां ने बच्चे को 24 घंटे में कई बार अपना दूध भी पिलाया। लेकिन 24 घंटे बाद ही उस बच्चे को मां से अलग करना पड़ा। जब-जब बच्चा मां के दूध के लिए रो रहा है उसे बाहर का दूध देकर शांत कराया जा रहा है। अस्पताल के स्टाफ का कहना है कि कोरोना के कारण एक नवजात को अपनी मां से जुदा होता देख बहुत अजीब लग रहा है, लेकिन ऐसा न किया गया तो उसे भी मां से संक्रमण हो सकता है। स्टाफ के साथ ही घर के सदस्य के लिए इस स्थिति में नवजात को संभालना काफी मुश्किल हो रहा है।
बच्चे के जन्म को लेकर देखे थे कई सपने
अस्पताल में बच्चे की देखभाल कर रहे घर के सदस्य ने बताया कि परिवार में इस बच्चे की आने की खुशी को लेकर काफी तैयारी की गई थी। लड़के के जन्म की सूचना मिलते ही घर में खुशियां मनाई जा रही थीं, लेकिन हमें क्या पता था की उसपर कोरोना का ग्रहण लग जाएगा। अब तो सभी मां के ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं। वहीं, अस्पताल के स्टाफ सदस्य उस बच्चे की पल-पल की खबर ले रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार बच्चे का कोरोना टेस्ट 5वें दिन होगा।