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कोरोना कर्फ्यू: तीन हजार गायों के सामने चारे का संकट

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चंडीगढ़। कोरोना के चलते देशव्यापी लॉकडाउन और कर्फ्यू की घोषणा के बाद चंडीगढ़ में 3000 गोमाता के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है। मांग के अनुरुप गोमाताओं के लिए चारा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। साथ ही हरे और सूखे पशुचारे के दामों में भी 25 फीसदी की वृद्घि हो गई है। ऐसे में गोशाला संचालकों के सामने संकट की स्थिति बन गई है। पूरे देश में 14 अप्रैल तक 21 दिन का लॉकडाउन चल रहा है। इस देशव्यापी बंदी के साइड इफैक्ट भी अब सामने आने लगे हैं। बंद का असर गोशालाओं पर भी हो रहा है। लॉक डाउन के 10 दिनों बाद अचानक पशुचारे के दामों में लगातार वृद्घि देखने को मिल रही है। पशुचारे के दामों में 25 प्रतिशत की सप्लायरों ने वृद्घि कर दी है।
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यूटी प्रशासन के द्वारा कर्फ्यू के दौरान दूध की सप्लाई तो की जा रही है, लेकिन पशुचारे के दामों पर नियंत्रण करने के लिए अभी तक कोई ठोस नीति नहीं बनाई है, जिस कारण से गोशाला संचालकों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। कई स्थानों पर तो पशुओं को चारे के रूप में खिलाया जाने वाला सूखा और हरा चारा तक नहीं मिल रहा है। जिससे गोशाला संचालकों को बड़ी परेशानी आ रही है।
पांच गोशालाओं में हैं 3000 गायें
चंडीगढ़ वैसे तो कैटल फ्री क्षेत्र है, लेकिन यहां पर पांच गोशालाओं में लगभग 3000 गायों का पालन पोषण किया जा रहा है। इंडस्ट्रियल एरिया में दो गोशालाएं संचालित की जा रही हैं, जहां लगभग 950-1000 गायें हैं। इसके अतिरिक्त सेक्टर 45 में गौरी शंकर सेवादल के द्वारा एक गोशाला का संचालन किया जा रहा है। जहां लगभग 1000 गायों का पालन पोषण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त मलोया और सेक्टर-25 में भी एक एक गोशाला है।
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नहीं पहुंच पा रहे हैं दानदाता
लॉक डाउन और कर्फ्यू से पूर्व चंडीगढ़ की गोशालाओं में कुछ दानदाता पहुंच जाते थे, जो गुप्त दान या चारे के लिए कुछ राशि का दान कर देते थे, लेकिन अब यहां दानदाता नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिसके कारण गोमाता के लिए चारा जुटाने में गोशाला संचालकों को दिक्कतें आ रही हैं। यदि लॉक डाउन की अवधि को बढ़ाया जाता है तो गोशाला संचालकों के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
आप भी कर सकते हैं मदद
यदि आप गोशाला में गायों के लिए हो रहे चारे के संकट में मदद करना चाहते हैं तो आप भी मदद कर सकते हैं। गौरीशंकर सेवा दल के मदद करने के लिए मोबाइल नंबर 9464897272 जारी किया है। जिस पर फोन करके कोई भी व्यक्ति गायों के लिए हरे या सूखे चारे को उपलब्ध करा सकता है। यदि कोई व्यक्ति गुप्त दान करना चाहता है तो वह भी इस नंबर पर फोन कर अपनी इच्छा प्रकट कर सकता है।
पंजाब से आता है पशुचारा
चंडीगढ़ में गोशालाओं के लिए पंजाब के विभिन्न स्थानों से चारा आदि आता है। कर्फ्यू और लॉकडाउन के कारण सप्लायरों ने सूखे और हरे चारे के दामों में वृद्धि कर दी है। जिससे गोशालाओं में गायों के लिए चारे का संकट पैदा हो रहा है। विनोद, संचालक, गोशाला सेक्टर-45, चंडीगढ़
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