अकाल तख्त पर पेश हुए मंत्री सिकंदर सिंह मलूका
डेरा सच्चा सौदा फिर विवाद में आ गया है। पंथ गलियारे में शिअद-भाजपा को डेरा सच्चा सौदा से मिला समर्थन अब दोनों पार्टियों के लिए बवाल खड़ा कर दिया है। श्री अकाल तख्त साहिब ने डेरा सच्चा सौदा से वोट मांगने वाले सिख नेताओं की पहचान करके उनकी रिपोर्ट शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) से तलब की है।
उधर, एसजीपीसी ने भी तीन सदस्यों वाली टीम को जांच रिपोर्ट बनाने के लिए नियुक्त कर दिया है। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से हुक्मनामा जारी हुआ था कि डेरा मुखी व डेरे के साथ सिख कौम कोई संबंध न रखे। शिअद-भाजपा के तरफ से डेरा मुखी से समर्थन मांगने (वोट मांगने) कौन-कौन सिख नेता गया इसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब फैसला सुनाया जाएगा।
ज्ञानी गुरबचन सिंह ने साफ किया कि श्री अकाल तख्त साहिब से जारी फरमान सिख पंथ के लिए सर्वोपरि है, फरमान का उल्लंघन करने वालों को पंथ से निष्काशित भी किया जा सकता है। ऐसे में जो भी रिपोर्ट मिलेगी, उस पर फैसला श्री अकाल तख्त साहिब से होगा।