पंजाब सरकार की नई व्यापार नीति में किए गए कुछ प्रावधानों पर अंगुलियां उठने लगी हैं। कुछ वस्तुओं पर पहले चरण में (मैन्यूफैक्चरिंग स्तर) पर टैक्स लगाने की घोषणा की गई है, लेकिन वैट एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
सेल टैक्स नियमों में पहले चरण के टैक्स का प्रावधान था, लेकिन पंजाब में सेल टैक्स 31 मार्च 2005 से खत्म हो चुका है।
वैट एक्ट के प्रावधानों में एंट्री या एडवांस टैक्स की व्यवस्था नहीं है फिर पहले चरण पर लगाए जाने वाले टैक्स को लेकर तमाम आशंकाएं हैं।
पंजाब स्टेट व्यापार मंडल के प्रधान अमृत लाल जैन ने नई व्यापार नीति के प्रावधानों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब वैट पहले से ही लगा है फिर प्रथम चरण में लगाए जाने वाले टैक्स का नाम क्या रखेगी सरकार।
सरकार एक म्यान में दो तलवारें रखने की कोशिश कर रही है। यह पूरी तरह असंवैधानिक और गैरजरूरी है। उन्होंने कहा कि नोटिफिकेशन को देख कर इसकी समीक्षा की जाएगी।
ई-ट्रिप के बाद एडवांस टैक्स और अब नई व्यापार नीति के प्रावधानों के खिलाफ पंजाब स्टेट व्यापार मंडल की एक बैठक रविवार को लुधियाना में हो रही है।
जैन ने बताया कि बैठक में सभी डेलीगेट्स से सुझाव मांगे जाएंगे और उसके बाद रणनीति तय कर उसका खुलासा किया जाएगा।
मालूम हो कि राज्य सरकार ने 1 जनवरी 2014 से नई व्यापार नीति लागू करने की घोषणा की है। इसके तहत वाईट गुड्स, ड्रिंक्स, करियाना और बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा बेचे जाने वाले और शीघ्र खपत होने वाले पदार्थों पर पहले चरण में टैक्स लगाने का ऐलान किया है।