देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के बारे में हरियाणा के एक और मंत्री ने विवादास्पद बयान दे दिया है। बीते दिन शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने नेहरू के खिलाफ अपशब्द बोले।
अभी यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि सोमवार को हरियाणा के खेल एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की जुबान फिसल गई। जनता के खुले दरबार में समस्याएं सुनते वक्त विज रामबिलास शर्मा द्वारा नेहरू के विषय में कहे गए अपशब्द पर सफाई दे रहे थे।
मगर सफाई देते-देते उनकी जुबान भी फिसल गई और उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू कोई अच्छे आदमी तो थे नहीं, मगर इस तरह खुले मंच से उन्हें गाली देना तो ठीक बात नहीं है...’ हालांकि इस बयान के बाद विज को भी लगा कि शायद कुछ विवादास्पद बात कह दी है, लेकिन उन्होंने इन शब्दों को वापस लेने की बजाए, हंसी-ठिठोली में ही इस बात को टाल दिया।
विज ने कहा कि नेहरू के बारे में उन्होंने कोई गलत बात तो कही नहीं, मगर इस बारे में ज्यादा चर्चा न ही हो तो ही ठीक रहेगा। हां किसी को भी मंच से अपशब्द बोलना मैं ठीक बात नहीं मानता और न ही ऐसी बात का मैं समर्थन करता हूं।
'हुड्डा सरकार भूमाफिया की सरकार'
बहरहाल, शिक्षामंत्री रामबिलास के बाद खेल मंत्री विज के जवाहर लाल नेहरू पर दिए बयान ने राजनीति को फिर से गरमा दिया है और विरोधियों को उन पर हमला बोलने का मौका दे दिया है। कांग्रेसी नेताओं ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है।
मंत्री विज ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार को भी भू माफिया की सरकार बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की कथनी और करनी में न केवल बहुत ज्यादा अंतर होता था, जबकि सरकार के हर निर्णय में एक ‘हिडन एजेंडा’ होता था, जिसका लाभ केवल पूंजीपतियों, भू, खनन और अन्य माफिया के लोगों को ही होता था।
पूर्व सरकार को जनता की भलाई से कोई सरोकार नहीं था। केंद्र में मोदी सरकार और सूबे में खट्टर सरकार साफ नीयत के साथ काम कर रही है। सरकार अवैध कब्जों के बिल्कुल खिलाफ है, सरकारी जमीनों पर गैर कानूनी ढंग से किए कब्जे तो बिल्कुल भी बरदाश्त नहीं किए जाएंगे।
कांग्रेस बोली, सत्ता के नशे में बहक गए मंत्री
केंद्र और राज्य सरकार सत्ता के नशे में बहक चुकी है। न तो मंत्रियों में नैतिकता है और न ही उनसे नैतिकता की उम्मीद की जा सकती है। जवाहर लाल नेहरू देश के प्रथम प्रधानमंत्री थे, पूरा देश उनकी इज्जत करता है। विज को नेहरू के प्रति ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था। उन्हें शब्द वापस लेकर क्षमा मांगनी चाहिए।
चौ. फूलचंद मुलाना, पूर्व शिक्षा मंत्री एवं कांग्रेस अध्यक्ष, हरियाणा ने कहा कि मंत्री रामबिलास को भी बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। वैसे भी सरकार पूरी तरह से हर मोर्चे पर फेल है। सरकार इसी तरह सिर्फ बातों का हलवा बनाकर उसे जनता को बेच रही है। बहुत जल्द जनता को सरकार की और उनके मंत्रियों की असलियत मालूम चल जाएगी। सरकार के पास सूबे के विभिन्न वर्ग के लोगों के लिए कुछ भी प्रेक्टिकल नहीं है, सिर्फ झूठी बातों के बूते पर ही केंद्र और राज्य सरकार जनता को बहका रही है।
निर्मल सिंह, पूर्व राजस्व मंत्री, हरियाणा ने कहा कि पंडित नेहरू को पूरा देश सम्मान की नजर से देखता है, बच्चे तो उन्हें चाचा नेहरू कहकर संबोधित करते हैं। मगर अनिल विज उन्हें गलत व्यक्ति बता रहे हैं। किसी मंत्री को ऐसा बयान शोभा नहीं देता, विज को नैतिक आधार पर शब्द वापस लेकर इस बारे में खेद व्यक्त करना चाहिए।