दलितों पर कमेंट्स करने के मामले में योग गुरु बाबा रामदेव के खिलाफ दायर सिविल याचिका पर बुधवार को सीजेएम अनुभव शर्मा की अदालत में सुनवाई हुई।
इस दौरान रामदेव को नोटिस जारी कर अदालत में पेश होकर जवाब मांगा गया है। अदालत में योग गुरू को 9 मई को जवाब दायर करना होगा। याचिका में वकील ने बाबा रामदेव द्वारा इस तरह के कमेंट्स पर रोक लगाने की मांग की थी।
ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन के वकील शिवमूर्ति यादव ने दायर याचिका में कहा नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए वोट अपील करने के दौरान बाबा रामदेव ने दलित समाज के लिए अपमानजनक बयान दिए था।
बता दें कि 26 अप्रैल को समाचार पत्रों में छपे बयान में बाबा रामदेव ने कहा था कि राहुल गांधी दलित बस्तियों/घरों में हनीमून व पिकनिक मनाने जाते हैं। याचिका में कहा गया है इन बयानों से दलित समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
आपराधिक शिकायत पर एक मई को होगी गवाही
दलितों पर कमेंट्स करने के मामले में रामदेव के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत आपराधिक याचिका में गवाही एक मई को होगी।
इस पर सुनवाई करते हुए सीजेएम अनुभव शर्मा की अदालत ने केस को ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट अनिल कौशिक की अदालत में गवाही के लिए ट्रांसफर कर दिया। बाबा रामदेव के खिलाफ सेक्टर-48 के गुरदियाल सिंह सभ्रवाल ने एससी/एसटी एक्ट के तहत आपराधिक याचिका दायर की थी।