हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा है कि कोविड-19 मरीजों को आयुष्मान भारत योजना में शामिल करने के साथ ही उपचार के लिए इनके चिकित्सा प्रबंधन पैकेज में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। राज्य के 22.14 लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान भारत के गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं, जिनको शत प्रतिशत आधार से लिंक किया गया है।
1.12 लाख से अधिक मरीजों का उपचार आयुष्मान भारत योजना के तहत करवाया जा चुका है, जिन पर राज्य सरकार ने अभी तक करीब 135.33 करोड़ खर्च किए हैं। इनमें निजी अस्पतालों में उपचार करवाने वाले करीब 90 हजार से अधिक मरीजों पर 107.2 करोड़ तथा सरकारी अस्पातलों के 21815 मरीजों पर 28.1 करोड़ की राशि खर्च की गई है।
आयुष्मान भारत योजना के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. रवि विमल ने बताया कि लाभार्थियों का उपचार करने वाले अस्पतालों का भुगतान निर्धारित समयावधि में किया जा रहा है। लोगों की सुविधा के लिए राज्य के सभी सरकारी एवं पैनल के निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के कार्ड निशुल्क बनाए जाते हैं।
इसके लिए कॉमन सर्विस सेंटर पर भी मामूली शुल्क सहित यह कार्ड सृजन की सुविधा प्रदान है। अभी 526 सरकारी एवं निजी अस्पताल हरियाणा सरकार के पैनल पर हैं। इसके अलावा अन्य अस्पताल भी पैनल पर होने की लाइन में है। केंद्र सरकार ने देश के 146 अस्पतालों को गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्रदान किया है, जिनमें से 72 अस्पताल हरियाणा से संबंधित है।