पावरकॉम द्वारा घरों में ही बिजली के बिल पहुंचाने के लिए शुरू की गई बिल वितरण की नई प्रणाली उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बन गई है।
इससे सुविधा मिलने की बजाय लोगों को अंतिम तिथि तक भी बिजली का बिल नहीं मिला पाया है।
पॉवरकाम ने निजी कंपनी को ऑन द स्पॉट बिलिंग मशीन देकर पेमेंट एकत्र करने का अधिकार दिया है, लेकिन इसमें कई खामियां हैं।
अनुबंधित कंपनी के कारिंदे सभी उपभोक्ताओं के घरों में न रीडिंग लेकर मौके पर बिल दे पा रहे हैं और न ही उन्हें पहले से तैयार बिल वितरित कर पा रहे हैं।
औसत के आधार सैकड़ों बिल एनकोड के जारी किए गए हैं। पावरकॉम में बिजली के बिलों का ढेर लगा हुआ है, जहां उपभोकता अपने बिल ढूंढने के लिए मजबूर हैं।
डेराबस्सी स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व प्रधान हरविंदर सिंह कोहली ने बताया कि ज्यादातर बिल शहरी उपभोक्ताओं के हैं, जिन्हें भरने की अंतिम तिथि 8 नवंबर है।
बिल की जानकारी न होने से उन्हें जुर्माना भरना पड़ेगा। इस बारे में पावरकॉम के एसडीओ महिंदरपाल ने बताया कि अवितरित बिल एनकोड के हैं।
बिलिंग के लिए अनुबंधित टीम अभी नई है, उन्हें कुछ इलाकों की अभी पूरी जानकारी नहीं है। एनकोड के बिल समय न भरने पर जुर्माना तो लगेगा, लेकिन वे वितरित क्यों नहीं हुए, इस बारे में शुक्रवार को प्राइवेट कंपनी के करिंदों से जानकारी लेंगे। उन्होंने कहा कि इस पर मुलाजिमों की फीस में कटौती की जाएगी।