सही प्रकार से सेवाएं न देने पर उपभोक्ता फोरम ने मेसर्स एली को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है। उपभोक्ता फोरम ने मेसर्स एली को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को 25 हजार रुपये मुआवजा और आठ हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे।
आदेश की प्रति मिलने के एक महीने के अंदर आदेशों का पालन करना होगा। समय पर आदेश का पालन न करने पर 12 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज अदा करना होगा। यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 के अध्यक्ष राजन देवान, सदस्य जसविंदर सिंह सिद्धू और प्रीति मल्होत्रा ने सुनवाई के बाद दिया है।
शिकायतकर्ता सुरिंदर सिंह निवासी सेक्टर-16 ए चंडीगढ़ ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 पंचकूला स्थित मेसर्स एली और गुड़गांव स्थित मेसर्स कैफ एप्पलियांसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता सुरिंदर सिंह ने फोरम को दी शिकायत में कहा कि उन्होंने सेक्टर-16 ए स्थित मकान में मोडुलर किचन इंस्टॉल कराने के लिए दूसरे पक्ष की सर्विस ली। इस काम के लिए साढ़े तीन लाख रुपये में सौदा तय हुआ।
शिकायतकर्ता ने तीन मार्च 2013 को एक लाख 25 हजार रुपये, 26 जून 2013 को एक लाख 25 हजार रुपये और 12 जु़लाई 2013 को 46 हजार 900 रुपये अदा किए। बैलेंस अमाउंट 50 हजार रुपये काम पूरा होने पर दिया जाना था।
मेसर्स एली के निर्देशानुसार मेसर्स कैफ एप्पलियांसेज के कर्मचारियों ने हॉब्ब और चिमनी फिक्स कर दिया। उस फिक्सेशन के कारण कुछ लाइट प्वांइट छिप गए और काम करना बंद दिया।
जब शिकायतकर्ता ने डैमेज लाइट प्वाइंट को ठीक करने के लिए बुलाया तो उन्होंने काम करने से इंकार कर दिया। मेसर्स एली ने अपना पक्ष रखते हुए उपभोक्ता फोरम को बताया कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है।
मेसर्स कैफ एप्पलियांसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ओर से पक्ष न रखने पर उपभोक्ता फोरम ने फैसले को एकतरफा (एक्सपार्टी) करार दिया है।