आईआरडीए के नियमों का पालन न करने पर उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को सेवा कोताही का दोषी करार दिया है। फोरम ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को आईआरडीए की नियमों के अनुसार बीमा पॉलिसी की फंड वैल्यू वापस करे। साथ ही सेवा में कोताही के लिए 20 हजार रुपये मुआवजा और सात हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे।
यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 के अध्यक्ष राजन देवान, सदस्य जसविंदर सिंह सिद्धू और प्रीति मलहोत्रा ने सुनवाई के बाद दिया है।
शिकायतकर्ता मोहम्मद सलीम निवासी सेक्टर-29 बी ने 17 बी स्थित लोकल हेड ऑफिस के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक, सेक्टर-30 बी स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधक, अंधेरी ईस्ट मुंबई स्थित एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और सेक्टर-17 बी चंडीगढ़ स्थित रीजनल डायरेक्टर एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
शिकायत में कहा कि उन्होंने एसबीआई लाइफ फ्लेक्सी स्मार्ट पॉलिसी ली। पॉलिसी लेते समय बीमा कंपनी का प्रतिनिधि ने बताया था कि इसके लिए दस वर्ष तक प्रीमियम अदा करना होगा। पहले साल पचास हजार और दूसरे वर्ष से 25 हजार रुपये प्रीमियम के रूप में अदा करना होगा।
पहले वर्ष तो वे प्रीमियम अदा कर दिए लेकिन जब दूसरे वर्ष प्रीमियम 25 हजार रुपये अदा करने गए तो उन्हें कहा गया कि प्रत्येक वर्ष 50 हजार रुपये अदा करना होगा। इसके बाद उन्होंने बीमा कंपनी से पहला प्रीमियम वापस करने की मांग की जिसे नहीं दिया गया। शिकायतकर्ता ने बीमा प्रशासनिक जांच अधिकारी के पास भी शिकायत की लेकिन उनकी शिकायत डिसमिस कर दी गई।
दूसरे पक्ष ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है। शिकायतकर्ता ने प्रपोजल फार्म पर दस्तख्त किए हैं। टर्म एंड कंडीशन का उन्होंने उस समय कोई शिकायत नहीं की है।