शहर में अपराध रोकने में नाकाम पुलिस अब इंसानियत भी भूलती जा रही है। सेक्टर-तीन स्थित ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में कांस्टेबल की भर्ती प्रक्रिया के दौरान शनिवार को फिजिकल टेस्ट देते समय एक प्रतिभागी की तबीयत खराब हो गई।
उसने आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों से मदद मांगी, लेकिन उन्होंने मदद करने की बजाय डंडे से इशारा कर बाहर का रास्ता दिखा दिया। चक्कर आने के बाद युवक तड़पता रहा, लेकिन करीब आधे घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची।
सिरसा निवासी सुरेंदर कुमार को फिजीकल टेस्ट के तहत 800 मीटर दौड़ लगा रहा था। दौड़ पूरी करने के बाद उसे चक्कर आने लगा। सुरेंदर ने स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के अंदर तैनात पुलिसकर्मी को तबीयत खराब होने की जानकारी दी, लेकिन उसने मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाया, बल्कि डंडों से इशारा करके बाहर जाने को कह दिया।
सुरेंदर ने बताया कि वह किसी तरह ग्राउंड से बाहर निकल पाया। लड़खड़ाता देखकर स्पोर्ट्स ग्राउंड के बाहर तैनात दूसरे पुलिसकर्मी ने पूछा कि ‘बेटा तबीयत ठीक नहीं हैं क्या’? इतना सुनते ही उसकी आंखों में आंसू आ गया। इसके बाद सुरेंद्र कुछ बता पाता कि वह लड़खड़ाकर गिर गया।
इसके बाद अन्य पुलिसकर्मी दौड़कर आए और भर्ती के लिए पहुंचे कुछ युवकों को भी मौके पर बुलाया। साथ ही पुलिसकर्मी ने ही एंबुलेंस को कॉल किया। सुरेंदर ने बताया कि करीब 30 मिनट बाद उसकी आंखें बंद हो गईं, तब तक एंबुलेंस भी मौके पर नहीं पहुंची थी। जब आंख खुली तो वह पंचकूला सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में था। डॉक्टरों ने बताया कि ब्लड प्रेशर बढ़ने की वजह से उसे चक्कर आया था।