मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब में अपना अगला मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने की तैयारी कर ली है। रविवार को लुधियाना पहुंच रहे राहुल गांधी इस संबंध में विधिवत घोषणा करेंगे। इस बीच, पार्टी की ओर से चन्नी को आगे रखकर मौजूदा विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए अलग से भी रणनीति बनाई गई है।
वहीं हाईकमान का रुख भांपते ही प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के तेवर भी कड़े हो गए हैं। इस मुद्दे को लेकर सिद्धू ने अब सीधे तौर पर हाईकमान को निशाने पर ले लिया है। सिद्धू अगले मुख्यमंत्री के तौर पर प्रबल दावेदारी पेश करते रहे हैं। पार्टी के भीतर तेज होती हलचल और सियासी गलियारों में ये अटकलें तेज हो गईं हैं कि अगर हाईकमान ने चन्नी को अगला मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किया तो संभव है कि सिद्धू कांग्रेस को अलविदा कह दें। ऐसे ही संकेत हाल ही में सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने भी दिए थे कि वे पति-पत्नी अपने पुराने प्रोफेशन में लौट सकते हैं।
सिद्धू ने गुरुवार को यह कहकर हाईकमान के फैसले के प्रति अपने तेवर स्पष्ट कर दिए कि ‘शीर्ष पर बैठे लोग’ (हाईकमान) एक कमजोर मुख्यमंत्री चाहते हैं, जो उनके इशारे पर नाचता रहे। सिद्धू ने शुक्रवार को अमृतसर में अपने समर्थकों के बीच कहा- ‘अगर नया पंजाब बनाना है तो सीएम के हाथ में है। आपको इस बार सीएम चुनना है। ऊपर वालों को एक कमजोर सीएम चाहिए, जो उनकी धुन पर नाच सके। क्या आपको ऐसा सीएम चाहिए?’
शनिवार को सिद्धू ने दोबारा कहा कि 60 विधायक होंगे तो सीएम चुना जाएगा। कोई 60 विधायकों की बात नहीं कर रहा है। कोई भी सरकार गठन के रोडमैप के बारे में बात नहीं कर रहा है। मेरा पंजाब मॉडल बच्चों, युवाओं और राज्य के लोगों की जिंदगी बदलने वाला है।