खट्टर सरकार का श्वेत पत्र आते ही हरियाणा कांग्रेस ने पू्र्व मुख्यमंत्री
भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में जंग की पटकथा लिखनी शुरू कर दी। बजट से पहले श्वेत पत्र लाकर खट्टर सरकार ने हुड्डा सरकार की कारगुजारियों का कच्चा चिट्ठा खोल दिया।
हरियाणा निवास पर बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने श्वेत पत्र के लिए जितनी खामियां गिनाईं, उनके जवाब के लिए प्रदेश कांग्रेस भी लामबंद होने लग गई है। कांग्रेस विधायक दल ने सरकार के श्वेत पत्र का जवाब विधानसभा के बजट सत्र में देने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
विधानसभा में श्वेत पत्र पर जवाब देंगे हुड्डा
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि सारे जवाब तथ्यों के साथ सदन में ही दिए जाएं ताकि वे ऑन रिकार्ड रहें। बजट सत्र के दौरान सरकार पर हमला बोलने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी इस बार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की रहेगी, जिनके कार्यकाल पर खट्टर सरकार श्वेत पत्र लाई है।
हालांकि, सोमवार को श्वेत पत्र जारी होते ही कांग्रेस नेताओं के बयान भी आने लगे फिर भी कांग्रेस से जुड़े अर्थशास्त्री वित्तीय आंकड़ों के जोड़-घटाव को नापने में जुट गए हैं। मंगलवार को कांग्रेस नेताओं के बयान आ सकते हैं, लेकिन विशेष तैयारी सदन में सरकार को घेरने की होगी।
भाजपा-कांग्रेस की जंग में तटस्थ रह सकता इनेलो
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री भी श्वेत पत्र में दिखाए आंकड़ों का अध्ययन कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार श्वेत पत्र को ध्यान में रखते हुए ही सरकार अपने बजट का प्रारूप तैयार कर रही है।
वित्त मामलों से जुड़ा सरकारी अमला इस काम में सरकार की मदद कर रहा है। इस बीच, यह भी माना जा रहा है कि सदन में भाजपा और कांग्रेस के बीच छिड़ने वाली जंग में इनेलो के तटस्थ रहने के आसार हैं।
चूंकि, सरकार का श्वेत पत्र कांग्रेस के खिलाफ ही है, ऐसे में इनेलो भी खट्टर सरकार केसाथ-साथ कांग्रेस शासन ने नाकामियां गिनाने की रणनीति पर ही चले।