विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से दिसंबर के पहले सप्ताह से ही अपने उम्मीदवारों को टिकट देने की प्रक्रिया का श्री गणेश कर दिया जाएगा। इसके लिए उनकी ओर से सर्वे सभी प्रक्रियाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। इसके कारण पठानकोट से मैदान में उतरे कांग्रेसी नेताओं की धड़कनें भी तेज हो चुकी हैं।
हाईकमान भी इसके लिए पूरी पारदर्शिता और किसी प्रकार की गलती नहीं करना चाहता। इसका कारण है इस बार कांग्रेस को प्रदेश में मिल रहा सपोर्ट। कांग्रेस इस बार प्रदेश में जीत के लिए किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ना चाहती।
उम्मीदवारों के चयन में भी वह कोई गलती नहीं करना चाहती। दस सालों से पठानकोट की तीनों सीटों पर कब्जा जमाकर बैठी भाजपा से सीट लेने के लिए कांग्रेस हाईकमान पठानकोट में अपने ऐसे योद्धा उतारना चाहती है जो इस चक्रव्यूह को तोड़कर कांग्रेस की झोली में सीट डाल दें।