राजस्थान और मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के साथ जींद विधानसभा उपचुनाव की घोषणा नहीं होने के विरोध में कांग्रेस द्वारा धरना दिया जा रहा है। बुधवार को कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर भी धरने में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इनेलो पार्टी नहीं एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, जिसमें आजकल मालिकाना हक के लिए खूनी संघर्ष चल रहा है।
प्रदेश में इनेलो और भाजपा का वजूद नहीं होने के कारण चुनाव से बच रहे हैं। कांग्रेस आमजन की पार्टी होने के कारण जींद के विकास के लिए चुनाव की मांग को लेकर धरना दे रही है। तंवर ने कहा कि सरकार ने चुनाव आयोग से जींद में विधानसभा चुनाव नहीं करवाने के लिए पत्र लिखा है। सरकार के पास न तो उम्मीदवार हैं और न ही उनको जींद में होने वाले होने वाले विधानसभा उपचुनाव में वोट मिलते नजर आ रहे हैं।
यही कारण है कि प्रदेश की भाजपा सरकार चुनाव से बचना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की इससे असलियत सामने आई है कि वह अब कितने दिन भाजपा के इशारों पर चलकर चुनाव करवाने से बचेगी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में चुनावी माहौल है, अगर कोई सीट खाली हो जाती है तो उस पर चुनाव होना सांविधानिक है। जींद विधानसभा में उपचुनाव नहीं करवाना एक प्रकार से लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा कि अगर जींद में उपचुनाव नहीं करवाए गए तो कांग्रेस चुनाव आयोग के पास जाकर चुनाव करवाने की मांग करेगी।
11 नवंबर को पुरानी अनाज मंडी में होगी कांग्रेस की परिवर्तन रैली : सैनी
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता कर्मवीर सैनी ने कहा कि 11 नवंबर को जींद की पुरानी अनाज मंडी में कांग्रेस की परिवर्तन रैली होगी। जिसमें सांसद दीपेंद्र हुड्डा समेत डेढ़ दर्जन से ज्यादा वर्तमान, पूर्व विधायक एवं सांसद संबोधित करेंगे। रैली के बाद जींद की राजनीति एक नई करवट लेगी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए सैनी ने कहा कि भाजपा ने विकास के मामले जींद के साथ सौतेला व्यवहार किया है।
आज तक विकास के नाम पर यहां पर एक भी ईंट नहीं लगी है। जींद में भाजपा अपनी हार को देखते हुए उपचुनाव की घोषणा नहीं करवा रही है। उन्होंने कहा कि जींद का जो भी विकास करवाया है, उसका सारा श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जाता है। भाजपा ने झूठे वादे करके सत्ता तो हासिल कर ली, लेकिन सत्ता चलाने में पूरी तरह असफल रही है। इस दौरान धर्मेंद्र ढुल, बलवान सिंह लौहान, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बलराज श्योराण, जगदीश कश्यप, भीम सिंह पूनिया, मनजीत सैनी मौजूद रहे।