अदिति सिंह व चरणजीत सिंह चन्नी
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पंजाब चुनाव में कांग्रेस के सीएम चेहरे को लेकर मचे घमासान के बीच पार्टी ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को दो सीट से लड़वाने का फैसला लिया है। अपनी परंपरागत सीट चमकौर साहिब के अलावा वह भदौड़ (आरक्षित) सीट से चुनाव लड़ेंगे। इसकी घोषणा पार्टी ने रविवार शाम पंजाब के आठ उम्मीदवारों की सूची में किया। इसके साथ ही कयास लगाए जाने लगे हैं कि चन्नी ही पार्टी का सीएम फेस हो सकते हैं। पार्टी की अंतिम सूची में अटारी आरक्षित सीट से तरसेम सिंह सैलका, खेमकरण से सुखपाल सिंह भुल्लर, नवांशहर से सतबीर सिंह सैनी बालीचिकी, लुधियाना साउथ से ईश्वरजोत सिंह चीमा, जलालाबाद से मोहन सिंह फलियांवाला, बरनाला से मनीष बंसल और पटियाला से विष्णु शर्मा का नाम शामिल है।
मालवा के दलित वोट पर निशाना
चन्नी को भदौड़ से उतारने के पीछे का मकसद मालवा के दलित वोट को साधना है। दरअसल, सबसे ज्यादा दलित समुदाय के लोग मालवा क्षेत्र में ही रहते हैं। भदौड़ भी मालवा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इस क्षेत्र में 69 विधानसभा सीटें हैं। यदि पार्टी यहां अच्छी लीड लेती है तो उसके लिए जीत की राह आसान बन सकती है।
अदिति सिंह के पति का टिकट कटा
कांग्रेस ने नवांशहर से मौजूदा विधायक अंगद सिंह सैनी का टिकट काट दिया है। पार्टी ने उनकी जगह सतबीर सिंह सैनी को टिकट दिया है। अंगद सिंह सैनी उत्तर प्रदेश के रायबरेली सदर सीट से विधायक अदिति सिंह के पति हैं। चुनाव से ठीक पहले अदिति सिंह कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा में शामिल हो गईं हैं। भाजपा ने उन्हें रायबरेली सदर से अपना प्रत्याशी बनाया है। उधर, अंगद सिंह से जुड़े सूत्रों के अनुसार अंगद सिंह अब निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं।
कैप्टन के खिलाफ पूर्व मेयर को उतारा
पार्टी ने पटियाला से विष्णु शर्मा को उतारा है। वह पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। दस साल पहले साल 2012 में पूर्व मेयर शर्मा ने कैप्टन व उनकी पत्नी सांसद परनीत कौर से मतभेदों की वजह से पार्टी को अलविदा कह अकाली दल में शामिल हो गए थे। 17 जनवरी को सिद्धू ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया था। विष्णु साल 2002-2007 तक पटियाला के मेयर रहे थे।
ढिल्लों का टिकट कटा, मनीष बंसल को मिला
पूर्व केंद्रीय मंत्री व चंडीगढ़ के पूर्व सांसद पवन बंसल के बेटे मनीष बंसल का नाम शामिल है। वह बरनाला सीट से चुनाव लड़ेंगे। यहां से बरनाला के हलका इंचार्ज और पूर्व कांग्रेस विधायक केवल सिंह ढिल्लों टिकट मांग रहे थे। केवल ढिल्लों सुप्रसिद्ध उद्योगपति हैं। उनको पार्टी ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस का सीनियर उपाध्यक्ष मनोनीत किया था और उनकी ड्यूटी दिल्ली हाईकमान बाहरी राज्यों में लगाती रहती थी। दो बार बरनाला सीट से विधायक बने। गत विधानसभा और सांसद का चुनाव वह हार गए थे। सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी व राहुल गांधी से नजदीकियां होने के कारण पवन बंसल अपने बेटे को टिकट दिलवाने में सफल रहे हैं।
सुखबीर के खिलाफ मोहन सिंह मैदान में
जलालाबाद से सुखबीर बादल के खिलाफ मोहन सिंह फलियांवाला चुनाव लड़ने को राजी हो गए हैं। इस सीट से मौजूदा विधायक रमिंदर आवला फिर से लड़ने को तैयार नहीं थे और उन्होंने हाईकमान से सीट बदलने की मांग भी की थी लेकिन हाईकमान ने आवला को किसी भी सीट से टिकट नहीं दिया।
मैंने कहा था कि हमारे सर्वे के मुताबिक चन्नी चमकौर साहिब से हार रहे हैं। कांग्रेस ने एलान किया कि वह दो सीटों से लड़ेंगे। इसका मतलब है सर्वे सच हैं। अरविंद केजरीवाल, आप संयोजक