फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दावेदारों की दो टूक, टिकट न मिला तो विकल्प खुले हैं

Thu, 17 Jul 2014 03:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर हारने वाले विधायकों से बुधवार को प्रदेश प्रभारी शकील अहमद, सह प्रभारी आशा कुमारी और प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर रू-ब-रू हुए। उम्मीदवारों ने बंद कमरे में इन नेताओं से एक-एक कर अपनी बात रखी। इन नेताओं में कांग्रेस के कई दिग्गज भी शामिल थे।
विज्ञापन


कई दिग्गजों ने पार्टी नेताओं को यह भी इशारा किया कि टिकट नहीं मिला तो उनके सामने दूसरे विकल्प भी खुले हैं। उम्मीदवारों ने मांग की है कि लोकसभा चुनाव से सबक ले चुकी कांग्रेस को अब उम्मीदवारों के नाम की घोषणा शीघ्र करनी चाहिए। हालांकि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीरेंद्र सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष फूलचंद मुलाना नहीं दिखे।

कांग्रेस नेताओं ने पार्टी पदाधिकारियों को पिछले चुनाव में हार के अंतर, हार के कारणों और इस बार जीत की संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताया।

इस दौरान पलवल से उम्मीदवारी का दावा ठोक रहे करण सिंह दलाल, एसी चौधरी, रंजीत सिंह, डॉ. केवी सिंह, निर्मल सिंह, प्रो. छतर पाल सिंह सहित करीब 43 उम्मीदवारों ने टिकट के लिए अपनी दावेदारी के साथ हार के कारणों के बारे में बताया।
विज्ञापन


डबवाली से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे डॉ. केबी सिंह ने पार्टी पदाधिकारियों को बताया कि उनके हलके में लोकसभा चुनाव से कांग्रेस मात्र 1980 मतों से पीछे रही है। अशोक तंवर को डबवाली हलके से लेाकसभा चुनाव में 58,000 वोट मिले हैं, जबकि डबवाली में कुल वोट एक लाख 58 हजार हैं।

उधर, रंजीत सिंह रानियां से अपनी दावेदारी पेश की है। पिछले चुनाव में इनेलो के कृष्ण कांबोज से वे मात्र 3600 मतों से हारे थे, जबकि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 8 हजार मतों से यहां पीछे रही। उनका दावा है कि इस बार यह गैप खत्म हो जाएगा। भाजपा-हजकां गठबंधन की वजह से लोकसभा चुनाव में गठबंधन प्रत्याशी को पड़ा वोट इस बार नहीं पड़ेगा।

उधर, फरीदाबाद से पूर्व मंत्री रहे एसी चौधरी ने मांग की कि उन्हें पुराने क्षेत्र से ही उम्मीदवार बनाया जाए और पार्टी टिकट शीघ्र घोषित करे, जिसका लाभ पार्टी को मिलेगा। आदमपुर से प्रत्याशी रहे जयप्रकाश ने भी कांग्रेस नेताओं के समक्ष पार्टी की गुटबाजी और अन्य कारणों की जानकारी दी। वे यह चुनाव कलायत से लड़ने की ताल ठोक रहे हैं।

पिछले चुनाव में 50 उम्मीदवार हारे थे। कुछ उम्मीदवार इधर-उधर हो जाने के कारण 43 लोग आए थे। 22 उम्मीदवार बहुत कम अंतर से हारे हैं। उनकी टिकट पर विचार किया जा रहा है। अंतिम निर्णय हाईकमान का होगा।
विज्ञापन

-शकील अहमद, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और हरियाणा प्रभारी

उम्मीदवारों में कोई गुटबाजी नहीं
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक तंवर ने कहा कि मीटिंग में सभी उम्मीदवारों से बात हुई है। उन्होंने किसी भी तरह की गुटबाजी से इनकार किया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें