पंजाब के शिक्षा मंत्री परगट सिंह के पक्ष में सभी कांग्रेस विधायक समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा क्षेत्र में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती में धांधली के सभी आरोपों को खारिज करते हुए सुखबीर सिंह बादल के बयान की निंदा की है। पार्टी विधायकों ने शिअद अध्यक्ष को माफियाओं का सरगना बताते हुए कहा है कि उन्हें परगट सिंह के खिलाफ बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है।
रविवार को कांग्रेस पार्टी की ओर से दी गई जानकारी में कांग्रेस विधायक कुलजीत सिंह नागरा, बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा, कुलबीर सिंह जीरा और अमित विज ने कहा कि अकाली दल के प्रधान को परगट सिंह की ईमानदारी पर शंका प्रकट करने का भी नैतिक अधिकार नहीं है।
उच्च शिक्षा मंत्री शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, जबकि सुखबीर सिंह बादल ने अपने राज में माफिया के सरगना के तौर पर काम करते हुए राज्य का विनाश किया। बादलों ने वर्षों तक पंजाब को लूटा और पिछले दो दशकों के दौरान अपने 15 वर्षों के राज में एक भी सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर की भर्ती नहीं की।
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अब मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के योग्य नेतृत्व में उच्च शिक्षा मंत्री की ओर से 25 वर्षों बाद पारदर्शी ढंग से 1091 सहायक प्रोफेसरों की भर्ती की जा रही है, परंतु इस महत्वपूर्ण कदम का स्वागत करने की जगह बादल बेबुनियादी आरोप लगाने में तुले हैं।
कांग्रेस विधायकों ने साझे बयान में कहा कि बादलों से उलट, परगट सिंह की कोई ट्रांसपोर्ट, रेत की खान या होटल का कारोबार नहीं है। सुखबीर बादल, उच्च शिक्षा मंत्री के किरदार पर उंगली उठाने की हिम्मत भी कैसे कर सकते हैं। बादलों ने नशा तस्करों और माफिया को शह देकर पंजाब के भविष्य को बर्बाद किया है। पंजाब के लोग बादलों के गुनाहों को कभी नहीं भूलेंगे और उनको (बादलों को) इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।