फरीदकोट में कांग्रेस का धरना प्रदर्शन।
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फरीदकोट में जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को स्थानीय मिनी सचिवालय में नशे समेत अन्य मुद्दों को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ विशाल रोष धरना दिया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब में 15 साल पहले चिट्टे के नशे का दौर शुरू हुआ था और वर्तमान सरकार की लापरवाही के कारण अब यह घर-घर पहुंच चुका है। राज्य सरकार नशा रोकने में विफल साबित हो चुकी है और मूकदर्शक बनी है। कांग्रेस पार्टी जल्द ही नशे के कारण मरने वाले व्यक्तियों के परिवारों को साथ लेकर राज्य भर में यात्रा निकालेगी और नशा खत्म करने के लिए लोगों को एकजुट करेगी। उन्होंने एसवाईएल मुद्दे पर भी आम आदमी पार्टी की सरकार को आड़े हाथों लिया।
धरने को पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, सीनियर नेता भारत भूषण आशु, विधायक प्रगट सिंह, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों, पूर्व मंत्री सुख सरकारिया, जिलाध्यक्ष नवदीप सिंह बब्बू बराड़, पूर्व जिलाध्यक्ष अजयपाल संधू ने संबोधित किया। इस दौरान फरीदकोट जिले के गांव ढिलवां खुर्द में नशा तस्करों के हाथों मारे गए नौजवान के परिवार को कांग्रेस कमेटी ने आर्थिक मदद भी दी।
बाजवा ने एक बार फिर विधायकों के संपर्क में होने का किया दावा
धरने के दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने एक बार फिर से आम आदमी पार्टी के 32 विधायकों के कांग्रेस के साथ संपर्क में होने का दावा किया। इसके अलावा कांग्रेस नेताओं ने सीएम मान की बहस की चुनौती को भी स्वीकार किया और कहा कि बहस के लिए समय व स्थान तय करेंगे। वहीं, पूर्व सीएम चन्नी ने कहा कि उन्होंने अपने 111 दिन के कार्यकाल में 111 लोक भलाई योजनाएं शुरू की थी। इन्हें सरकार बनते ही भगवंत मान ने बंद करवा दिया।