कपूरथला में नगर निगम कमिश्नर की स्वच्छ भारत मुहिम के तहत रविवार सुबह निकाली जाने वाली कार रैली से पहले कांग्रेसी मेयर व पार्षदों ने हंगामा कर दिया। इनका आरोप था कि निगम में कार रैली व हाउस में कांग्रेस पार्षदों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इसके रोष में कांग्रेसी मेयर और पार्षदों ने निगम कमिश्नर का घेराव किया।
कांग्रेसियों ने लगभग ढाई घंटे कमिश्नर के दफ्तर के बाहर बैठ प्रदर्शन किया। धरने और कांग्रेसियों के विरोध को देखते हुए निगम कमिश्नर अनुपम कलेर ने अपनी गलती का एहसास किया। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। स्वच्छ भारत मुहिम के तहत रविवार को कपूरथला नगर निगम ने शालीमार बाग से डीसी चौंक तक एक कार रैली का आयोजन सुबह नौ बजे प्रस्तावित किया था लेकिन निगम की मेयर, कांग्रेसी पार्षदों और अन्य नेताओं ने पार्षदों को निमत्रंण न देने और अन्य विकास के मुद्दों को लेकर विरोध जताते हुए निगम कमिश्नर के दफ्तर का घेराव कर जमकर हंगामा किया और प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
कांग्रेस शहरी प्रधान दीपक सलवान ने कहा कि निगम प्रशासन मेयर और हाउस के पार्षदों को नजरअंदाज कर रहा है। वहीं कांग्रेस के कार्यकाल में स्थापित हुए वाटर पंपों को भी शुरू न कर अन्य कई विकास कार्य को नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे शहर की जनता को पीने के पानी तक की सुविधा नहीं मिल रही है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि स्वच्छ भारत मुहिम के दौरान निकाली जाने वाली कार रैली के संबंध में मेयर और पार्षदों कोई निमंत्रण भी नहीं दिया गया। वहीं दूसरी तरफ निगम कमिश्नर के दफ्तर के बाहर लगभग ढाई घंटे चले प्रदर्शन के बाद निगम कमिश्नर अनुपम कलेर ने अपनी गलती का एहसास किया और निमंत्रण न पहुंचने के मामले को कम्युनिकेशन गैप बताया। वहीं निगम कमिश्नर ने शहर के वाटर पंपों को सवा महीने में सुचारू रूप से चलाई जाने का भी आश्वासन दिया। इसके बाद कांग्रेसियों ने धरना समाप्त कर दिया।