पंजाब कांग्रेस में अब भी सब कुछ ठीक नहीं है। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भले ही पंजाब कांग्रेस को एकजुट करने की बात कहें, लेकिन एक धड़ा अभी भी असंतुष्ट है। ताजा विवाद चरणजीत सिंह चन्नी के सीएम बनने के बाद पार्टी प्रभारी हरीश रावत के बयान से उपजा है जिसमें उन्होंने कहा था कि 2022 के चुनाव में चेहरा नवजोत सिंह सिद्धू होंगे। इस पर मचे घमासान के बाद पार्टी आलाकमान ने सफाई दी कि मुख्यमंत्री चन्नी और प्रदेश प्रधान दोनों मिलकर चुनाव लड़ेंगे।
भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी उठाए सवाल
वहीं, भाजपा आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने ट्वीट किया कि केवल नवजोत सिद्धू को कुर्सी दिलाने के लिए यदि चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया है तो यह पूरे दलित समुदाय का बहुत बड़ा अपमान है। यह पूरी तरह से कांग्रेस द्वारा दलित सशक्तीकरण की बात को कमजोर करता है। शर्म की बात है।