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जलियांवाला बाग के नए रूप पर विवाद: राहुल गांधी ने बताया शहीदों का अपमान, पीएम मोदी ने किया था उद्घाटन

Tue, 31 Aug 2021 02:44 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि मैं एक शहीद का बेटा हूं, शहीदों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करूंगा। 
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राहुल गांधी - फोटो : ANI
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विस्तार
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अमृतसर स्थित जलियांवाला बाग के नए रंग रूप पर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को स्मारक के पुनर्निर्माण को शहीदों का अपमान बताया और कहा कि जो शहादत का अर्थ नहीं जानता, वही इस तरह का अपमान कर सकता है।

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राहुल गांधी ने बाग में किए गए बदलाव के बारे में एक ट्वीट कर उसमें एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया है जिसके अनुसार यहां बदलाव के नाम पर इतिहास को नष्ट कर दिया गया है।  शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलियांवाला बाग के नए स्वरूप का उद्घाटन किया था।  


राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि मैं एक शहीद का बेटा हूं, शहीदों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करूंगा। हम इस अशोभनीय क्रूरता के खिलाफ हैं। एक अन्य ट्वीट में राहुल ने कहा कि जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए संघर्ष नहीं किया, वे उन लोगों को नहीं समझ सकते, जिन्होंने ये संघर्ष किया है। 

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डेढ़ साल बाद नए रंग रूप में खुला है जलियांवाला बाग

कोरोना संकट के चलते करीब डेढ़ साल से बंद जलियांवाला बाग नए अवतार में सैलानियों के लिए खोला गया है। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल कार्यक्रम में इसे जनता के लिए खोला था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि किसी भी देश को अपना इतिहास नहीं भूलना चाहिए। जलियांवाला में 13 अप्रैल 1919 के वे 10 मिनट हमारे स्वतंत्रता संघर्ष की कहानी बन गए। असंख्य क्रांतिकारियों को जान कुर्बान करने का साहस दिया। शहीद स्मारक पर 20 करोड़ रुपये खर्च कर नया रूप दिया गया है। प्रवेश द्वार से लेकर स्मारक तक कई बदलाव किए गए हैं। चार नई गैलरियां बनाई गई हैं। एक थिएटर का निर्माण भी किया गया है। 

बेकसूरों पर बरसाई थीं 1650 राउंड गोलियां
जलियांवाला बाग में 13 अप्रैल 1919 को जनरल डायर के निर्देश पर अंग्रेजी सेना ने दस मिनट में 1650 राउंड गोलियां चलाकर हजार से ज्यादा लोगों को मार दिया था। इनमें छह साल के बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शहीद हुए थे।  
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