पंजाब सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने तीन मुद्दों पर आंदोलन छेड़ने का फैसला किया है। इनमें किसानों को गन्ने की अदायगी, प्रॉपर्टी टैक्स वापस लेना और समाज भलाई स्कीमों की राशि जारी करना शामिल हैं। संघर्ष की शुरुआत में 23 जून को कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के चंडीगढ़ आवास पर धरना देंगे। उसके बाद आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यह फैसला सोमवार को पंजाब भवन में हुई कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग में लिया गया।
सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ ने बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि किसानों का गन्ने का करीब 180 करोड़ मिलों पर बकाया पड़ा है। आर्थिक दबाव में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर सरकार ने मुआवजा तय किया, लेकिन जब तक समस्या को जड़ से खत्म नहीं किया जाता, तब तक कुछ नहीं होगा। गन्ने का बकाया न मिलने से किसान परेशान हैं।
मांगें पूरी न हुईं तो राज्य में आंदोलन
सुनील जाखड़ ने कहा कि गुरदासपुर मिल पर 29 करोड़, मोरिंडा पर 22 करोड़, नवांशहर पर 25 करोड़, फाजिल्का पर 19.79 करोड़, अजनाला पर 25 करोड़, बटाला पर 19 करोड़ और नकोदर मिल पर 17 करोड़ रुपये गन्ने का बकाया पड़ा है। जल्द से जल्द किसानों को अदायगी की जानी चाहिए। सरकार ने वादा किया था कि प्रॉपर्टी टैक्स वापस लेंगे, अब कन्फ्यूजन पैदा कर रहे हैं।
लोगों ने वोट से अपनी राय बता दी, अब क्यों देर कर रहे हैं। केंद्र से जेन्यूरम के नियम बदलवाएं और टैक्स वापस लें। तीसरा मुद्दा समाज भलाई स्कीमों का है। शगुन स्कीम, पेंशन और वजीफे की राशि कई महीनों से जारी नहीं की गई है।
जाखड़ ने कहा कि धरने के बाद सीएम को मांग पत्र दिया जाएगा कि विधानसभा सेशन शुरू होने से पहले ये तीनों मांगें पूरी की जाएं, वरना राज्य में आंदोलन छेड़ेंगे।
कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा
उन्होंने कहा कि सत्र सिर्फ एक हफ्ते का रखा गया है, जो कम है। पूरे पंजाब के तमाम मुद्दे इतने कम समय में नहीं उठाए जा सकते। स्पीकर को मिलकर सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग करेंगे, जरूरत पड़ी तो राज्यपाल से भी मिलेंगे। सत्र के दौरान नशों समेत कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। नशों का खामियाजा अरुण जेटली तक को उठाना पड़ा। अब सरकार पीड़ित नौजवानों का इलाज कराने के बजाय उन्हें गिरफ्तार कर रही है। भाजपा भी कह रही है कि बड़े मगरमच्छ पकड़े जाएं।
रेत-बजरी पर सरकार झूठ बोल रही है, सदन में इन्हें बेपर्दा करेंगे। सरकार ने पावर सरप्लस का दावा किया था। बिजली की स्थिति और रेट पर सरकार को घेरेंगे। जाखड़ ने आरोप लगाया कि आटा-दाल स्कीम में छांट-छांट कर कांग्रेसियों को बाहर निकाल दिया गया। शहरों में बुनियादी ढांचे की हालत खराब है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा अब खुद को अलग नहीं कर सकती, हर बात के लिए वह भी जिम्मेदार है। जाखड़ ने मनरेगा में घपले की सीबीआई जांच की मांग भी की।