पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल ने मंगलवार को कहा है कि मेयर चुनाव के पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह सिर्फ एक मोहरा हैं। वह पहले भाजपा के लिए मसीहा बने और अब भाजपा के लिए बलि का बकरा भी बनेंगे। उन्होंने कहा कि मेयर चुनाव में हुई लोकतंत्र की हत्या के लिए अब अकेले अनिल मसीह को दोषी ठहरा दिया जाएगा जबकि असल में इस पूरे खेल में भाजपा के कई बड़े चेहरे शामिल हैं।
बंसल ने आरोप लगाया कि 30 जनवरी के दिन चुनाव के समय के नए वीडियो में साफ तौर पर भाजपा के पार्षद कंवरजीत राणा, मनोनीत पार्षद सतिंदर सिद्धू, भाजपा पार्षद हरजीत सिंह, कुलजीत संधू, अमित जिंदल, पूर्व मेयर अनूप गुप्ता ये सभी अनिल मसीह के ऊपर से कैमरा हटवाने की बात करते नजर आ रहे हैं। वहीं, मसीह कांग्रेस और आप को मिले आठ वोट कैसे एक-एक कर खराब कर रहे हैं, सब कैमरे में नजर आ रहा है। इससे साफ है कि चंडीगढ़ भाजपा की पूरी टीम ही षड्यंत्र में शामिल थी तो क्या ऐसे में इन सभी की सदस्यता रद्द नहीं की जानी चाहिए। क्या इन पर भी मुकदमे दायर नहीं होने चाहिए।
बंसल ने आरोप लगाया कि यह सब दिल्ली की लीडरशिप की रजामंदी के बिना नहीं हुआ होगा। अगर ऐसा न होता तो अभी तक इन सभी के ऊपर पार्टी स्तर पर कार्रवाई की जा चुकी होती। पवन बंसल ने मांग की है कि जब मेयर चुनाव में हुई धांधली के सबूत सबके सामने आ चुके हैं तो भाजपा के मेयर को एक दिन भी और उस पद पर रहने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए।