नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पार्टी हाईकमान के सामने स्थिति साफ की
आप को भाजपा की बी टीम बताया, 2014 में दिल्ली में पार्टी को हुआ था नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। भाजपा के खिलाफ मिशन-2024 के लिए पटना में हुई विपक्षी दलों की मीटिंग के बाद पंजाब की राजनीति भी गरमा गई। कांग्रेस गठबंधन में आप को शामिल करने के पक्ष में नहीं है। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आप पर जुबानी हमला बोला है। उन्होंने आप को भाजपा की बी टीम करार दिया है। उनका कहना है कि गठबंधन में आप शामिल होगी या नहीं, इस पर आखिरी फैसला पार्टी हाईकमान को लेना है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि अगर दिल्ली और पंजाब में आप से समझौता जाता है तो इससे कांग्रेस को ही नुकसान होगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप बाजवा का कहना है कि आम आदमी पार्टी ने 2014 में दस्तक दी थी। उस समय भी दिल्ली में कांग्रेस ने आप का समर्थन किया। लेकिन उसका नतीजा बिल्कुल विपरीत हुआ था। पार्टी पूरी तरह से दिल्ली में खत्म हो गई। ऐसे ही हालत पंजाब में है। क्योंकि पंजाब में पार्टी नंबर दो पर है। मुख्य प्रतिद्वंदी है। अगर आप और कांग्रेस में समझौता होता है तो इससे जनता के बीच गलत संदेश जाएगा। जिसका नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ेगा। जहां तक दिल्ली सरकार के खिलाफ लगाए अध्यादेश का मामला है तो उस पर फैसला मानसून सत्र में लिया जाना है। अभी उस पर फैसला लेने की बात उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अगस्त 2019 में भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बदल दिया था। उस समय आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने भाजपा को बिना शर्त समर्थन दिया। उन्होंने इसे संघवाद पर हमला क्यों नहीं माना। हमेशा की तरह कांग्रेस लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और भारत के संविधान की रक्षा के लिए लड़ती रहेगी। इस बीच, विपक्षी एकता को तोड़ने का आप का नापाक एजेंडा पटना बैठक के बाद बेनकाब हो गया है।
पंजाब की राजनीति को समझने वाले डॉ. कुलदीप सिंह कहते है कांग्रेस का पंजाब में अच्छा जनाधार है। राज्य में जिस तरह राजनीतिक हालत चल रहे हैं, उसका भविष्य में कांग्रेस को फायदा मिलेगा। ऐसे में कांग्रेस के स्थानीय नेता की बात को तवज्जो देनी चाहिए।