मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा के बीच विवाद सुलझाने का जिम्मा आलाकमान ने पार्टी की प्रदेश प्रभारी आशा कुमारी को सौंप दिया है। इसके बाद बुधवार को पहली बार आशा कुमारी ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिसे भी कोई शिकायत है, उन्हें पार्टी फोरम पर ही अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक बयानबाजी को गलत ठहराया।
सांसद प्रताप बाजवा और शमशेर सिंह दूलो जहरीली शराब मामले में अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ उतर आए हैं। इस पर प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ ने आलाकमान को चिट्ठी लिखकर बाजवा और दूलो को पार्टी से निकालने की मांग की है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जाखड़ का पत्र आलाकमान तक पहुंचने के बाद आशा कुमारी को इस मामले को देखने को कहा गया है। हालांकि आशा कुमारी इन दिनों डलहौजी में हैं लेकिन वे पंजाब में पार्टी नेताओं से लगातार संपर्क में बनी हुई हैं।
उन्होंने फोन पर बातचीत के दौरान किसी का भी नाम लिए बिना कहा कि मीडिया में इस तरह की बयानबाजी को सही नहीं कहा जा सकता। जाखड़ की चिट्ठी के बारे में उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी बात आलाकमान के समक्ष रख दी है। अब उस पर आलाकमान चाहे जो फैसला ले।