चंडीगढ़। शहर में सड़कों की खराब हालत और उनमें पड़े गड्ढों को लेकर रविवार को कांग्रेसियों ने अनूठा प्रदर्शन किया। उन्होंने गड्ढों में भाजपा चुनाव निशान वाले कमल के फूल लगा दिए ताकि सड़कों की दुर्दशा को उजागर किया जा सके। चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष सुभाष चावला और चंडीगढ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता एव पूर्व डिप्टी मेयर एचएस लकी के नेतृत्व में सेक्टर-7बी में कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेसियों के नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने बैनर भी उठा रखे थे, जिस पर लिखा था- ‘सड़कों में गड्ढे, गड्ढे में धूल, हमारी भूल कमल का फूल’। इस प्रदर्शन का आयोजन ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष ईश शर्मा और युवा कांग्रेस नेता करनबीर सिंह कनू ने किया।
इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष ईश शर्मा ने कहा कि इलाके के पार्षद महेश इंद्र सिद्धू निगम में सीनियर डिप्टी मेयर भी हैं, लेकिन उनके दर्शन दुर्लभ हो गए। वे किसी भी समस्या का हल करने में विफल रहे हैं और इलाके का हाल बहुत बुरा है। युवा नेता करनबीर सिंह कनू ने कहा कि भाजपा के राज में आम आदमी पूरी तरह से टूट गया है। एक तरफ महंगाई दूसरी तरफ बेरोजगारी ने लोगों की कमर तोड़ दी है। युवा पीढ़ी में आज निराशा है। डिग्री करने के बाद भी नौकरियां नहीं हैं। प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देविंदर सिंह बबला, रविंदर कौर गुजराल, लव कुमार, सरोज शर्मा, भूपिंदर बडहेरी, दर्शन जिंदल, गुरप्रीत गाबी, हरमेल केसरी, अजित कुमार गोलू, प्रदीप कुमार, गोविंद कुमार, यादविंदर मेहता, अजय जोशी आदि मौजूद थे।
चावला बोले- भाजपा ने निगम में शासन करने का नैतिक अधिकार खोया
इस दौरान सुभाष चावला ने कहा कि भाजपा नगर निगम में शासन करने का नैतिक अधिकार खो चुकी है। आज शहर का आम जन मानस तंग आ चुका है। शहर में बुनियादी सुविधाओं का बुरा हाल है। रोज नए टैक्स लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष करती रहेगी। इसके लिए आने वाले दिनों में और अधिक प्रदर्शन किए जाएंगे।
समझ नहीं आता कि सड़कों में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क : लकी
एचएस लकी ने कहा कि शहर की सड़कों का बुरा हाल है। समझ नहीं आता कि सड़कों में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क। सेक्टर- 7 शहर के पोश सेक्टरों में आता है और शहर की संसद, प्रशासक के सलाहकार, उपायुक्त और अन्य बड़े अफसर यहां रहते हैं। उन्होंने कहा कि शहर के सभी सेक्टरों के सड़कों का यही हाल है। पार्क भी बदहाल हो गए हैं। ऐसे हालात देखकर तो नगर निगम को भंग कर देना चाहिए।