हुड्डा ने इस पर जबाव दिया कि सरकार बहुमत के बल पर हमारे विधेयक को गलत ठहरा रही है। विधेयक बिल्कुल सही है। स्पीकर ने कहा कि आपके विधेयक का विषय और उद्देश्य सही नहीं था। इस पर कांग्रेस विधायकों ने सदन में शोर-शराबा किया। कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने कहा कि एपीएमसी अधिनियम में संशोधन राज्य का विषय भी है।
हम कानून बनाते हैं, बदलाव भी कर सकते हैं। इस पर स्पीकर बोले कि हम ही राज्य, हम ही केंद्र नहीं बन सकते। किसी भी केंद्रीय कानून में बदलाव के लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति जरूरी होती है। स्पीकर ने कहा कि निजी विधेयक को सदन में चर्चा के लिए रखने या नहीं रखने का फैसला उन्हें करना होता है। विधानसभा अपने कानून बना सकती है, केंद्र के कानून को बदल नहीं सकती।
किसानों के लिए बहुत किया, केंद्र के कानूनों में नहीं दे सकते दखल
सीएम ने सदन में कृषि कानूनों से जुड़ा सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर का 14 नंबर बिंदु पढ़ा। उन्होंने कहा, नए कृषि कानून सुप्रीम कोर्ट से स्टे हो गए हैं। इन पर चर्चा नहीं की जा सकती है। प्रदेश व केंद्र सरकार ने किसानों के लिए बहुत कुछ किया है। विपक्ष बेवजह मुद्दा उछाल रहा है। नए कानून किसान हित में हैं।
भूपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस बजट सत्र में एपीएमसी एक्ट में एमएसपी की गारंटी जोड़ने वाला संशोधन विधेयक लाना चाहती थी। स्पीकर ने नियमों के विरुद्ध जाकर निजी विधेयक को खारिज कर दिया। एपीएमसी एक्ट में संशोधन का विधानसभा के पास पूर्ण अधिकार है। किसान हित के विधेयक को खारिज करने से सरकार की मंशा जगजाहिर हो गई है। स्पष्ट है कि सरकार किसानों को एमएसपी देने से पीछे हट रही है।
किसानों के लिए मेरे दरवाजे हमेशा खुले : दलाल
प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा है कि किसानों के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं। प्रदेश व केंद्र सरकार किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है और निरंतर किसानों के हित में कार्य कर रही है। अपनी समस्याओं को लेकर किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल से चंडीगढ़ में उनके आवास पर मिला।
उन्होंने कृषि मंत्री के सामने अपनी मांगें रखी। किसान प्रतिनिधिमंडल ने गन्ना मूल्य की बढ़ोतरी व बिजली दरों के बारे में अपनी मांगें रखीं। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के नाम पर राजनीति करने वाले विपक्षी दलों को किसानों के हितों से कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए किसानों को यह भली भांति समझना चाहिए कि भाजपा सरकार ही उनकी भलाई के लिए कार्य कर रही है। किसानों के प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि कृषि मंत्री ने समाधान का आश्वासन भी दिया।