कांग्रेस चुनाव समिति की पहली बैठक में टिकट वितरण के सभी अधिकार केंद्रीय स्क्रीनिंग कमेटी को दिए जने का फैसला लिया गया है। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि टिकट उसी को मिलेगा, जो योग्य होगा। बैठक में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और कैंपेन कमेटी के चेयरमैन सुनील जाखड़ भी मौजूद रहे।
चुनाव समिति की बैठक में टिकटों को लेकर चर्चा के साथ ही चुनाव की व्यापक रणनीति बनाई गई। सिद्धू ने बैठक के बाद कहा कि पंजाब में जुगाड़ नीति नहीं चलेगी, जो भी काम होगा नीतिबद्ध तरीके से किया जाएगा। उन्होंने किसान मजदूर और पल्लेदारों की समस्याओं को गंभीरता से पूरा करने की बात कही।
एमएसपी की सिद्धू ने वकालत
बैठक से पहले कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट कर फसलों पर दी जाने वाली एमएसपी की वकालत की। उन्होंने कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था का उत्थान पंजाब की किसानी से ही संभव है। किसानों की आय बढ़ाने के वह हमेशा से ही पक्षधर रहे हैं। केंद्र सरकार को एमएसपी को वैध बनाना चाहिए।
कैप्टन के करीबी सोढ़ी रहे नदारद
पंजाब चुनाव समिति की इस अहम बैठक से कैप्टन के बेहद करीबी राणा सोढ़ी नदारद रहे। उनकी गैर मौजूदगी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि राणा सोढ़ी जल्द ही पंजाब चुनाव समिति से इस्तीफा दे सकते हैं।
चीमा के भी बिगड़े बोल
सुल्तानपुर से कांग्रेस विधायक नवतेज सिंह चीमा के भी बोल बिगड़ गए। उन्होंने टिकट आवंटन से पहले बयान देते हुए कहा कि पार्टी को काली भेड़ों की पहचान करनी होगी। पार्टी की पीठ में छुरा घोंपने वालों के लिए कांग्रेस में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। चीमा ने कहा कि अब तक गंदी राजनीति करने वाले नेताओं के कारण ही पार्टी को नुकसान हो रहा था।