हरियाणा कांग्रेस के नेताओं की दलील, यदि तीन सीटें दीं तो विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए परेशानी बन सकती है
अब तीसरे दौर की बैठक में सुलझ सकता है सीट बंटवारे का मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में लोकसभा सीट को लेकर कांग्रेस-आप के बीच एक पेंच फंस गया है। हरियाणा कांग्रेस ने हाईकमान से कहा है कि आम आदमी पार्टी को सिर्फ दो ही सीटें दी जाएं। एक गुरुग्राम की और दूसरी करनाल-कुरुक्षेत्र में से एक। जबकि आप ने तीन सीट पर दावा ठोका है। वह भी पंजाब से सटीं। सूत्रों ने दावा किया है कि हरियाणा कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि यदि आम आदमी पार्टी को तीन सीटें दी गईं और इनमें से पार्टी दो भी सीट निकाल लेती है तो आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। कांग्रेस का वोटर आप की ओर मुड़ सकता है। इसलिए सीट बंटवारे से पहले आगामी चुनाव को भी ध्यान में रखा जाए।
सूत्रों ने यह भी दावा किया है कि कांग्रेस के एक दिग्गज नेता ने यहां तक कह दिया है कि यदि आप को तीन सीटें दी गईं तो वह बड़ा कदम उठा सकते हैं। हालांकि इस बारे में कांग्रेस के नेता कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि इस बारे में हाईकमान ही तय करेगा।
सीट बंटवारे को लेकर शुक्रवार रात कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच दूसरे दौर की बातचीत हुई थी। आम आदमी पार्टी हरियाणा में तीन सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ना चाहती है। उसका मत है कि दिल्ली व पंजाब में वह मजबूत स्थिति में है। हरियाणा में उसका संगठन भी तैयार है। हरियाणा में पार्टी लोकसभा की सीट निकालती है तो उसे इस जीत का फायदा विधानसभा चुनाव में मिलेगा। आम आदमी पार्टी हर हाल में विधानसभा का चुनाव लड़ने की तैयारी में है। फिलहाल सीट बंटवारे का मुद्दा अब तीसरे दौर की बैठक में उठेगा। सूत्रों ने दावा किया है कि तीसरे हफ्ते की बैठक में यह मुद्दा हल हो जाएगा। वहीं, आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुशील गुप्ता ने दावा किया है कि उन्होंने हाईकमान से हरियाणा में पांच सीटें मांगी हैं। उन्होंने यह भी दावा किया है कि यदि कांग्रेस अकेली लड़ती है तो वह एक भी सीट हरियाणा में नहीं जीत पाएगी।
अशोक तंवर छोड़कर जाना चाहते हैं तो जा सकते हैं : गुप्ता
आप अध्यक्ष सुशील गुप्ता ने कहा कि आप नेता अशोक तंवर पिछले कई दिनों से उनके संपर्क में नहीं हैं। पार्टी ने सभी नेताओं को सम्मान दिया है। यदि कोई पार्टी छोड़कर जा रहा है तो उसका पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। तंवर फिलहाल पार्टी के संपर्क में नहीं है। वह पहले भी पार्टी बदलते रहे हैं। इससे विश्वास भी कम होता है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी संघर्ष वाली पार्टी है। इस रेल के मुसाफिर वही बन सकते हैं, जिन्हें संघर्ष करना आता है।