अगर आपको इंगलिश मेम से शादी करनी है तो एक नई शर्त पूरी करनी होगी। विदेशी दुल्हनों के दीवाने पंजाब के लोगों में अब विदेश में शादी का ‘नया ट्रेंड’ अपनी जगह बना रहा है।
यदि विदेश में रिश्ता चाहिए तो इसके बदले में विदेशी रिश्ते करवाने की शर्तें अब रखी जाने लगी हैं। दिलचस्प पहलू यह है कि यह एक रिवाज की तरह आम होता जा रहा है। समाचार पत्रों में ऐसे रिश्तों के विज्ञापन बढ़े हैं।
जिन लोगों को अपने बेटे या बेटियों की शादी विदेश में करने की चाहत है वे ऐसी शर्तों को मान रहे हैं। इसे अपना भी रहे हैं। इसके लिए विदेश में अपने जानकारों के बच्चों के रिश्ते का ऑफर पक्का करने के लिए खासी मेहनत कर रहे हैं।
शादी नहीं, विदेश जाने का किया जा रहा है समझौता
एनआरआई सभा के पूर्व प्रधान जसबीर सिंह गिल का कहना है कि कनाडा व अमेरिका में पंजाबी लोगों की आबादी 10-10 लाख के आसपास है, जबकि यूके में एक करोड़ के करीब है। ऐसे देशों में सिटीजनशिप लेना पंजाबी लोगों का सपना है। यह तो अदला-बदली होती है, सिर्फ वीजा और सिटीजन कार्ड के लिए।
विदेशों में जब ग्रीन कार्ड मिल जाता है तो दोनों तरफ से बॉय-बॉय हो जाती है। ऐसे केसों की तो भरमार है, खासकर मोगा की बेल्ट में अदला-बदली का रिवाज है।
जसबीर के मुताबिक, ऐसे केस उनके पास लगातार आते हैं, क्योंकि कई बार आपस में विवाद बढ़ जाता है तो सभा की मदद मांगी जाती है।
गिल के मुताबिक पंजाब के लोग आज भी हर कीमत पर विदेश की धरती पर पहुंचना चाहते हैं। इसके लिए वह कोई भी बड़ा समझौता करने को तैयार हैं।
परिवर्तन का दौर, संस्कारों में गिरावट
पंजाब के लोग लंबे समय से विदेशों में जाने की चाहत रखते हैं। इसके लिए वे पहले काफी साल तक अवैध तरीके अपनाते रहे लेकिन अब उन पर अंकुश लगने के बाद इस तरकीब को खोज निकाला है। यह संस्कारों के अलावा जिंदगी का एक समझौता है।
मैं नहीं मानती कि भविष्य में ऐसी शादियां सफल हो पाती होंगी। शादी जैसे रिश्ते की बुनियाद शर्तों व समझौतों की बजाय विश्वास पर टिकी होनी चाहिए।
- डॉ. जसबीर कौर ऋषि, मनोवैज्ञानिक व विभागाध्यक्ष (मनोविज्ञान) एचएमवी कॉलेज