मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष कर रहे सरकारी स्कूल के कंप्यूटर शिक्षकों ने मूंगफली बेचने के बाद शुक्रवार को गाड़ियों को साफ किया। शिक्षक दिन भर प्रशासन से इंसाफ मांगते रहे। शाम को उन्हें इंसाफ की जगह सिर्फ प्रशासन से आश्वासन मिला।
सरकारी स्कूलों के 100 से ज्यादा कंप्यूटर शिक्षक सुबह कैजुअल लीव लेकर पेक यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में स्थित स्पिक सेंटर के बाहर एकत्र हुए। वीरवार को घेराव करने जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में गए शिक्षकों को अपनी मांगों के लिए स्पिक जाने को कहा गया था।
यहां शिक्षक स्पिक के सेंटर हेड से मिले। उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला कि उनकी मांग पर विचार होगा। जब शिक्षकों को स्पिक से कोई उम्मीद मिलती नजर न आई तो वे सेक्टर-9 स्थित डीपीआई (स्कूल) कार्यालय पहुंचे। शिक्षक जबरदस्ती डीपीआई कार्यालय में प्रवेश कर गए तो डीपीआई कमलेश कुमार ने पुलिस बुला ली। शिक्षकों ने यहां हंगामा करने की कोशिश भी की।
पुलिस ने मौके पर पहुंच कर इन शिक्षकों को डीपीआई कार्यालय से बाहर जाकर बैठने को कहा। इसके बाद डीपीआई ने पांच शिक्षकों को बातचीत के लिए बुलाया। शिक्षकों के साथ बातचीत करते हुए डीपीआई ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी जो भी मांगे हैं उसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
कंप्यूटर शिक्षक मंगलवार को अपनी सभी मांगों की प्रेजेंटेशन देंगे जिसमें वेतन में वृद्धि शामिल होगा। शिक्षकों का कहना है कि उनका वेतन सालों से नहीं बढ़ रहा है। इसकी वजह स्पिक के साथ हुए एमओयू में शर्तों को न बदलना है। शिक्षकों को दो माह से वेतन नहीं मिला है और उन्हें वेतन हर महीने 7 तारीख के बाद दिया जाता है।