यूटी के ड्राफ्ट मास्टर प्लान-2031 को नगर निगम हाउस में न लाने पर भाजपा पार्षद सतिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिकायत की है। वीरवार को एडवाइजरी काउंसिल की बैठक होनी है, जिसमें मास्टर प्लान पर भी चर्चा होगी।
सिंह ने कहा कि इस प्लान को मंजूरी से पहले हाउस में लाया जाना जरूरी था, लेकिन प्रशासन के अफसरों ने ऐसा नहीं किया। सिंह ने मोदी से शहर में जिला योजना समिति (डीपीसी) के गठन की भी मांग की है।
उन्होंने कहा कि अक्तूबर-2006 में शहरी विकास मंत्रालय, चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम के बीच एक करार हुआ था। जवाहर लाल नेहरू नेशनल अर्बन रिनुअल मिशन (जनरम) के तहत हुए इस समझौते में यह भी कहा गया था कि मास्टर प्लान को लोकल बॉडी में लाना जरूरी होगा। फिर भी अफसरों ने लोकल बॉडी को अहमियत नहीं दी।
तीन साल में बनानी थी समिति
2006 में हुए समझौते के तहत शहर में तीन साल के अंदर जिला योजना समिति का गठन किया जाना था। अब आठ साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक समिति का गठन भी नहीं हुआ है और न ही प्रशासन ने इसमें कोई रुचि दिखाई है।
सिंह ने कहा कि शहर में ब्यूरोक्रेट्स सेटअप पूरी तरह हावी हो गया है और वे नहीं चाहते कि यह समिति बन पाए। जाहिर है कि समिति के गठन से नगर निगम की व्यवस्था और मजबूत होगी, जिसका सीधा असर जनता पर पड़ेगा। उन्होंने इसे संविधान के 74वें संशोधन का उल्लंघन बताया है।