हरियाणा रोडवेज की बस से गिरकर मरने वाले के परिवार के लिए मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) ने 18.28 लाख रुपये का मुआवजा मंजूर किया है। ट्रिब्यूनल ने यह मुआवजा सेक्रेटरी हरियाणा ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट, जीएम हरियाणा रोडवेज चंडीगढ़ डिपो (बस मालिक), बस चालक विनोद कुमार और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी को संयुक्त तौर पर चुकाने के आदेश दिए हैं।
मुआवजा क्लेम याचिका शांतिनगर, मनीमाजरा निवासी मोहम्मद अशरफ की विधवा शमा, बेटी खुशनुमा (20), मोहम्मद असजाद (17), सना (15), आफताब (14), उज्बा (6) की ओर से दायर की गई थी। याचिका के अनुसार 15 जुलाई 2015 को सुबह मो. अशरफ (40) सेक्टर-17 बस स्टैंड से सामान लेने गया था। वह अंडे सप्लाई का काम करता था। 4:30 बजे वह सामान लेकर मनीमाजरा बस स्टैंड पर पहुंचा। यहां जैसे ही वह उतर रहा था तो चालक ने बिना देखे बस चला दी। इससे अशरफ सिर के बल सड़क पर गिर गया।
हादसे में अशरफ को गंभीर चोट आई। आसपास मौजूद लोग उसे फौरन जीएमएसएच-16 ले गए। वहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। जहां 23 जुलाई को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं आरोपी बस चालक के खिलाफ मनीमाजरा थाने में संबंधित धाराओं में आपराधिक केस दर्ज कराया गया था।
बचाव पक्ष का कहना था कि हादसा अशरफ की गलती से हुआ। इसमें बस चालक का कोई दोष नहीं था। वहीं इंश्योरेंस कंपनी की ओर से अदालत में दाखिल जवाब में कहा गया था कि हादसे के वक्त बस चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं रखा था। इस आधार पर वह उक्त मुआवजा देने के लिए अधिकृत नहीं है।
ट्रिब्यूनल ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद याचिकाकर्ता के 75 लाख रुपये मुआवजा देने की अपील पर 18.28 लाख रुपये मुआवजा मंजूर किया। आदेश के अनुसार इस पर प्रतिवादी पक्ष को 7.5 फीसदी ब्याज भी चुकाने को कहा है। कुल मुआवजा राशि में से 36 फीसदी मृतक की विधवा और शेष नाबालिग बच्चों में 16-16 फीसदी बांटने के आदेश दिए हैं। नाबालिगों के हिस्से का पैसा उनके नाम पर नेशनल बैंक में फिक्सड डिपाजिट बनाकर जमा करने के आदेश दिए हैं।