हालांकि, इसी दौरान एक बुकिंग का रेट और महंगा कर दिया गया, जिस पर न तो चर्चा हुई और न ही अधिक ध्यान गया। तेरहवीं और क्रिया-कर्म के लिए सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग पर अब किराए का 25 फीसदी देना होगा, जबकि अभी तक यह बुकिंग पूरी तरह निशुल्क थी। ऐसे में पहले से दुखी परिवारों को अब ऐसे आयोजनों के लिए अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि ए श्रेणी के किसी सामुदायिक केंद्र की बुकिंग दर 24,158 रुपये है, तो तेरहवीं या क्रिया-कर्म के लिए अब लगभग 6,142 रुपये देने होंगे। इसमें बुकिंग के लिए स्थानीय पार्षद की सहमति जरूरी होगी।
सदन में मुद्दा उठा ही नहीं
इस मामले में कई पार्षदों से बात की गई तो वे खुलकर सामने आने से बचते दिखे। नाम न छापने की शर्त पर कुछ पार्षदों ने स्वीकार किया कि इस बिंदु पर ध्यान नहीं गया, जिसके कारण सदन में कोई चर्चा ही नहीं हो पाई। कांग्रेस पार्टी के एक पार्षद ने बताया कि गरीब परिवारों की शादी के लिए पार्षदों को साल में 20 सामुदायिक केंद्र फ्री करने का अधिकार है। हालांकि, शादी से ज्यादा बुकिंग तेरहवीं और क्रिया-कर्म के लिए होती है। शहर की करीब 80 फीसदी आबादी के पास इन आयोजनों के लिए अलग से कोई जगह नहीं है, इसलिए वे सामुदायिक केंद्रों का ही इस्तेमाल करते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता कुलजींदर सरा ने कहा कि इस फैसले से उन परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जो पहले इन केंद्रों का उपयोग मुफ्त में कर पाते थे। शहर में नगर निगम के करीब 50 सामुदायिक केंद्र है, जो मौजूदा समय 5 हजार से लेकर 51 हजार रुपये तक में बुक होते हैं। ऐसे में देखा जाए तो तेरहवीं और क्रिया-कर्म के लिए अब यह बुकिंग 1250 रुपये से लेकर 10250 रुपये तक होगी।
आम आदमी पार्टी विरोध करेगी
आम आदमी पार्टी के पार्षद योगेश ढींगरा का कहना है कि नगर निगम को सिस्टम सही करना होगा। यह 25 फीसदी रेट बढ़ाना गलत है। पुराने तरीके से फ्री में बुकिंग करनी चाहिए। जनता पर पहले से ही कई तरह के बोझ डाले गए हैं। ऐसे में यह बोझ और ज्यादा हो जाएगा। आम आदमी पार्टी से जुड़े पार्षद सदन के अंदर इसका विरोध करेंगे।