चंडीगढ़ के सेक्टर-16 और 19 के कम्युनिटी सेंटरों को गेस्ट हाउस में तबदील किया जाएगा। मेयर ने प्रस्ताव तैयार करने के लिए अधिकारियों को कह दिया गया है। यह प्रस्ताव इस माह होने वाली सदन की बैठक में पास होने के लिए आ रहा है। इन्हें तबदील करने का एक बड़ा कारण यह है कि यहां बुकिंग नाममात्र है।
ऐसा नहीं कि यहां पर लोग शादी-विवाह के कार्यक्रम नहीं करना चाहते हैं बल्कि जहां पर यह कम्युनिटी सेंटर बने हुए हैं, वहां पर माननीय वीआईपी, न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों के घर है। जिस कारण बुकिंग करवाने वालों को कम्युनिटी सेंटर में पुलिस और डीसी आफिस की ओर से साउंड की मंजूरी नहीं मिल पाती है। अगर किसी को मिल जाती है तो साउंड बंद करवाने के लिए पुलिस पहुंच जाती है। शहर में 10 बजे तक ही साउंड बजाने की मंजूरी मिलती है।
जबकि साल 2016 में दो करोड़ रुपये की लागत खर्च कर सेक्टर-19 के कम्युनिटी सेंटर का रेनोवेशन किया गया और सेक्टर-16 के कम्युनिटी सेंटर जिसे रोज क्लब भी कहा जाता है। सेक्टर-16 के इस एरिया के आसपास पंजाब, हरियाणा और यूटी के आला अधिकारियों के अलावा मंत्रियों के घर भी हैं। नगर निगम के बुकिंग सेंटर के अनुसार इस साल अब तक सेक्टर-19 के कम्युनिटी सेंटर में सिर्फ 60 और सेक्टर-16 के कम्युनिटी सेंटर पर 25 हजार रुपये की कमाई हुई है।
इस संदर्भ में कमिश्नर से बात हो गई है। सेक्टर-16 और 19 के कम्युनिटी सेंटर को यूटी गेस्ट हाउस में तबदील करने का प्रस्ताव अधिकारियों को बनाने के लिए कहा गया है। नगर निगम के अपने गेस्ट हाउस भी नहीं हैं। गेस्ट हाउस से भी नगर निगम की कमाई बढ़ेगी।
- देवेश मोदगिल, मेयर
शहर में अन्य जगह पर भी कम्युनिटी सेंटर बने हैं, लेकिन वहां पर बुकिंग करवाने और साउंड की मंजूरी आराम से मिल जाती है। यह दिक्कत सिर्फ सेक्टर-19 और 16 के कम्युनिटी सेंटर में ही आ रही है, जबकि इस एरिया में वीआईपी के अलावा आम लोग भी रहते हैं।
- रवि शर्मा, भाजपा पार्षद